भारत में कैबिनेट मंत्रियों को गिरफ्तार करने की प्रक्रिया जानिए क्या है ?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को थप्पड़ मारने वाली विवादित टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री नारायण राणे (Narayan Rane) को रत्नागिरी जिले से गिरफ्तार कर लिया गया. उनके खिलाफ शिवसेना कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह पर विरोध प्रदर्शन किया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई. हालांकि राणे को मंगलवार देर शाम महाड़ की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने जमानत दे दी है.

केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकात पाटिल ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री को गिरफ्तार करना प्रोटोकॉल के खिलाफ था. केंद्रीय मंत्री के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट कैसे जारी कर सकता है.

Source- Hindustan Times

कैबिनेट मंत्री को गिरफ्तार करने की प्रक्रिया-

यदि संसद का सत्र नहीं चल रहा है तो कैबिनेट मंत्री को उसके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसी (law enforcement agency) द्वारा गिरफ्तार किया जा सकता है. हालांकि राज्यसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों की धारा 22A के अनुसार पुलिस, न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट को राज्यसभा के सभापति को गिरफ्तारी के कारण और स्थान के बारे में सूचित करना होगा. यहां तक कि यह भी बताना होगा है कि मंत्री को गिरफ्तार करके कहां रखा जाएगा.

सभापति सदन के दौरान सदस्यों को इस बारे में सूचित करेगा. यदि सदन की कार्यवाही नहीं चल रही है तो सभापति बुलेटिन जारी कर सदस्यों को यह जानकारी देता है.

गिरफ्तारी के संबंध में सदन के सदस्यों के विशेषाधिकार-

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 135 के अनुसार दीवानी मामलों में सांसदों को संसद सत्र के दौरान गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है. इसके अलावा संसद सत्र शुरू होने के 40 दिन पहले और 40 दिन बाद तक सांसदों को गिरफ्तारी से छूट मिलती है. लेकिन आपराधिक या सुरक्षा से जुड़े मामलों में गिरफ्तारी में किसी तरह की छूट लागू नहीं होती है.

क्या किसी व्यक्ति को सदन के परिसर से गिरफ्तार किया जा सकता है-

गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार और सभापति या अध्यक्ष की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी सदस्य या अजनबी को सदन के परिसद से गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है. इसी प्रकार सदन का सत्र चल रहा हो या नहीं, सभापति/अध्यक्ष की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी कानूनी प्रक्रिया, दीवानी या आपराधिक, सदन के परिसर के भीतर नहीं की जा सकती है.

आपराधिक मामलों में केवल राष्ट्रपति को मिलती है छूट-

सदन के सदस्यों को आपराधिक मामलों में छूट नहीं मिलती है. यहां तक कि प्रधानमंत्री को भी आपराधिक मामलों के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है. भारत में केवल राष्ट्रपति को आपराधिक मामलों के तहत गिरफ्तार नहीं किया सकता है. राष्ट्रपति को उसके पद से केवल महाभियोग के द्वारा ही हटाया जा सकता है.

नारायण राणे गिरफ्तार होने वाले तीसरे केंद्रीय मंत्री-

जुलाई में कैबिनेट विस्तार के दौरान नारायण राणे नरेंद्र मोदी सरकार में शामिल हुए. नारायण राणे को शूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्री बनाया गया. 21 साल में राणे तीसरे ऐसे मंत्री हैं, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है.

नारायण राणे से पहले जून 2001 में दिवंगत मुरासोली मारन और टीआर बालू को आधी रात से गिरफ्तार किया गया था. चेन्नई पुलिस ने पूर्व सीएम एम करुणानिधि के साथ इन दोनों मंत्रियों को 12 करोड़ के फ्लाइओवर के घोटाले में गिरफ्तार किया था.

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