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भारत के राष्ट्रगान से जुड़ी कुछ रोचक बातें जो नहीं जानते होंगे आप

भारत के राष्ट्रगान से जुड़ी ये बातें आपको ज़रूर पता होनी चाहिए

भारत का राष्ट्रगान ‘जन गण मन ’, देश की धार्मिक और क्षेत्रीय विविधता और एकता को दर्शाता है. यह एक ऐसी रचना है जो एक तरह की भावना रखती है. हमारे देश का राष्ट्रगान हमारे देश का गौरव है. ये तो हम सब जानते हैं कि हमारे देश को राष्ट्रगान प्रदान करने वाले महान रचनाकार और कवी रबीन्द्रनाथ टैगोर हैं पर आज हम आपके साथ राष्ट्रगान के साथ जुड़े कुछ रोचक तथ्य साझा करेंगे जिनसे आप लोग वाकिफ नहीं होंगे.

रोचक
Rabindra Nath Tagore

1. आपको बता दें कि भारत का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ रबिन्द्र नाथ टैगोर ने मूल रूप से बांग्ला भाषा में लिखा था, जिसे भारत सरकार द्वारा 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगान के तौर पे संविधान सभा ने इसको मान्यता दी और अंगीकृत कर दिया गया.

2. 1960 के दशक में भारत में सिनेमा हॉल में राष्ट्रगान बजाने की शुरुआत की गई थी और ऐसा सैनिकों के सम्मान और लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना जगाने के लिए किया जाता था.

3. आपको शायद पता न हो पर पहली बार ‘जन-गण-मन’ 16 दिसंबर 1911 को कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में गाया गया था.

रोचक
National Anthem Of India

4. भारत में चीन के आक्रमण के बाद सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाने की प्रथा को शुरू किया गया था.

5. राष्ट्रगान को गाने की अवधि करीब 52 सेकेण्ड निर्धारित है और जब राष्ट्रगान गाया या बजाया जाता है तो श्रोताओं को सावधान की मुद्रा में खड़े होना बेहद ज़रूरी है, ऐसा न करना राष्ट्रगान और देश का अपमान माना जाता है.

6. रबिन्द्र नाथ टैगोर द्वारा रचित इस राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को यूनेस्को की ओर से विश्व का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान करार दिया गया है.

7. आपको बता दें कि पहली बार राष्ट्रीय गान की संगीतबद्ध प्रस्तुति जर्मनी के हैम्बर्ग शहर में हुई थी.

8. हमारे राष्ट्रगान में पांच श्लोक होते हैं, जिनमें से केवल पहला श्लोक देश भर में प्रचलित है और गाया जाता है.

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