अमेरिकी वैज्ञानिकों का दावा, पेंसिल में मौजूद ग्रेफाइट से 7 मिनट में होगा कोरोना टेस्ट

अमेरिकी वैज्ञानिकों ने कोरोना की जांच करने का एक अलग तरीका विकसित किया है. पेंसिल में इस्तेमाल की जाने वाली ग्रेफाइट की मदद से 7 मिनट के भीतर कोविड-19 की जांच की जा सकती है. वैज्ञानिकों का दावा है कि यह जांच सबसे तेज और सटीक रिपोर्ट देगी. इस नई जांच को अमेरिका की पेंसिलवेनिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने विकसित किया है. वर्तमान में कोरोना की जांच कराने के लिए 700 से 1000 रुपये तक लग जाते हैं.

कम कीमत में होगी जांच

इसके अलावा जांच करने के लिए प्रोफेशनल की जरूरत पड़ती है लेकिन ग्रेफाइट से होने वाली जांच से इसकी कीमत कम हो जाएगी इसके अलावा इस जांच के लिए प्रोफेशन की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. इस ग्रेफाइट वाले इस जांच का नाम लीड (लो-कॉस्ट इलेक्ट्रोकेमिकल एडंवास्ड डायग्नोस्टिक) टेस्ट रखा गया है.

इस जांच के लिए ग्रेफाइट की छड़ी का इस्तेमाल इलेक्ट्रोड की तरह किया जाता है. इस छड़ी को नाक और मुंह से लिए गए सैंपल को ह्यूमन एंडियोटेंसिंन कंवर्टिंग एंजाइम-2 के साथ रखा जाता है. ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड रो केमिकल सिग्नल के साथ जोड़ा जाता है. केमिकल सिग्नल ही बताते हैं कि मरीज कोरोना पॉजिटिव हैं या नहीं.

100 परसेंट सही होगी जांच

वैज्ञानिकों का मानना है कि सलाइवा (लार) के सैंपल से जांच करने पर परिणाम 100 प्रतिशत तक सही मिलते हैं. वहीं नाक के सैंपल की जांच से 88 प्रतिशत तक सही नतीजे सामने आते हैं.

Graphite pancil
Source- HiSoUR

पेंसिलवेनिया यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर सीजर डी ला फ्यूनटे के मुताबिक इस टेस्ट किट में इस्तेमाल होने वाले समानों की कीमत कम है इसके अलावा इसे आसानी से कोई भी इस्तेमाल करके कोरोना का पता लगा सकता है. यह टेस्टिंग किट गरीब देशों के लिए कारगर साबित होगी.

पेंसिलवेनिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि वे इंडस्ट्री पार्टनर के साथ मिलकर अधिक से अधिक क्लिकल ट्रायल करने के लिए तैयार हैं. ट्रायल के नतीजे जल्द ही सबके सामने उपलब्ध होगें. ग्रेफाइट द्वारा इस जांच के तरीके से दूसरी संक्रमण बीमारियों का भी पता लगाने की तैयारी की जा रही है.

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