पिस्ता इतना महंगा क्यों होता है, जानिए इसके पाँच प्रमुख कारण?

पिस्ता सबसे हेल्दी और स्वादिष्ट ड्राई फ्रुट्स में गिना जाता है. इसे हम स्नैक्स के तौर पर खा सकते हैं. यह बहुत पौष्टिक होता है और इसे खाने के कई फायदें हैं, लेकिन ये इतना महंगा होता है कि कई लोगों को नसीब ही नहीं होता. इसे खरीदना बजट से बाहर की चीज हो जाती है. इसलिए ये आमतौर पर दीपावली और शादी जैसे बड़े समारोहों पर गिफ्ट के तौर पर ही दिखती है. लेकिन क्या आपने कभी सोंचा है कि ये इतना महंगा क्यों होता है?

कई कारण हैं, जो इस स्पेशल ड्राई फ्रुट को महंगा बनाते हैं-

Pistachio Farm
Pistachio Farm

इसे हर जगह नहीं उगाया जा सकता

पिस्ता की खेती के लिए एक खास क्लाइमेट कंडिशन की जरूरत होती है. इसलिए इसे बहुत ही सीमित क्षेत्रों में ही इसकी खेती हो पाती है. इसकी खेती के दौरान मौसम ना ही बहुत गर्म होना चाहिए और ना ही बहुत ठंडा. अगर ऐसा मौसम नहीं रहा तो इसकी पैदावार पर बुरा असर पड़ता है.

बहुत ज्यादा गर्म या बहुत ज्यादा ठंड होने से कई बार पैदावार ही नहीं हो पाती. पिस्ता के पेड़ मूल रूप से रेगिस्तानी पौधे हैं, इसलिए इसे उगाने के लिए माकुल मौसम केवल मध्य एशियाई देशों में पाए जाते हैं. जिसके कारण ज्यादातर देशों को आयात ही करना पड़ता है.

5 सालों के बाद शुरू होती है पैदावार

पिस्ता के पेड़ लगाने के लिए अगर आपको एक बार सही मौसम और जगह मिल भी जाता है, फिर भी इसका बहुत फायदा नहीं होगा. क्योंकि कम से कम 5 सालों के बाद ही इसके पेड़ों पर फल आने शुरू होते हैं. इसके अलावा शुरूआत के सालों में फल उगने की मात्रा भी बहुत कम रहती है.

Pistachios
Pistachios kept in a sack

15 सालों के बाद मिलती है अच्छी पैदावार

अच्छी खासी पैदावार के लिए आपको 15 से 20 सालों तक का इंतजार करना पड़ता है. तब जाकर ये अपने चरम पर आते हैं. अपने पीक सीजन में पिस्ता का एक पेड़ एक साल में औसतन 22 किलो पिस्‍ता देता है. सेंट्रल इंस्‍टीट्यू्ट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमैटिक प्‍लांट (CSIR) के विशेषज्ञ आशिष कुमार के मुताबिक, 15 से 20 साल तक एक पेड़ को तैयार होने के बाद भी एक किसान को इससे होने वाली ये उपज बहुत कम है.

भारी मात्रा में मजदूरों की आवश्यकता

पिस्ता की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए इसे मशीन से नहीं बल्कि हाथों से छांटा जाता है. इसके अलावा पिस्ता पेड़ों से पैकेजिंग मशीनों तक ताजा रहे, इसके लिए भी अधिक से अधिक मजदूरों को काम पर लगाया जाता है. जिससे पिस्ता की फसल के लिए भारी मात्रा में मजदूरों की आवश्यकता पड़ती है.

Pistachio Tree
A farmer picking up Pistachios from the Pistachio Tree

अच्छे फलों की तुरंत पहचान करने और उन्हें सही समूह में रखने के लिए किसानों को फलों की जानकारी होनी चाहिए. ऐसे में स्किल्ड मजदूरों ही काम पर रखा जाता है, जिनकी मजदूरी आम मजदूरों से ज्यादा होती है. ये सारी चीजें पिस्ता के दामों को आसमान पर ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ती.

हर साल नहीं होती है पैदावार

पिस्ता के पेड़ हर साल पैदावार नहीं करते हैं. एक साल फल लगने के बाद इसके पेड़ अगले साल के लिए अपना न्यूट्रिशन बचाकर रखते हैं. जिसके कारण दूसरे साल में पेड़ों पर ना मात्रा में फल लगते हैं. यानी पिस्ता के पेड़ एक साल के अंतराल पर पैदावार करते हैं. जिससे मांग के अनुसार पैदावार नहीं हो पाती. इन सब के अलावा इन पेड़ों को कीड़ों-मकोड़ों और दूसरे तरह के हानी से बचाने के लिए भी कई उपाय करने पड़ते हैं, जो इसकी उपज की कीमत बढ़ा देता है.

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