Nipah Virus: निपाह वायरस क्या है, लक्षण, बचाव और इलाज क्या है

कोरोना वायरस की दूसरी लहर से जूझ रहे केरल (Kerala) को एक और झटका तब लगा जब कोझिकोड में निपाह वायरस (Nipah virus) के कारण एक 12 साल के लड़के की मौत हो गई. राज्य में निपाह वायरस (Nipah virus) की पुष्टि होने के बाद केंद्र सरकार ने नेशनल सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल (National Centre for Disease Control) की एक टीम को केरल भेजा है.

बिजनेस स्टैंडर्ड अखबार के मुताबिक राज्य में दो और लोग निपाह वायरस (Nipah virus) से संक्रमित हैं. इससे पहले केरल (Kerala) में मई साल 2018 में निपाह वायरस (Nipah virus) की पुष्टि हुई थी. उस वक्त इस वायरस की वजह से 17 लोगों की जान गई थी.

मलेशिया के एक गांव में मिला था निपाह वायरस

मनुष्यों के बीच निपाह वायरस का पहला मामला मलेशिया (1998) और सिंगापुर (1999) में दर्ज किया गया. वहीं साल 2001 में बांग्लादेश में इस वायरस की पुष्टि हुई. निपाह वायरस का नाम मलेशिया के उस गांव से लिया है जहां सबसे पहले यह वायरस पाया गया था.

साल 1998-99 से अब तक कई बार निपाह वायरस का प्रकोप देखने को मिला है. भारत में साल 2001 और साल 2007 में पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के कारण कई लोगों की मौत हो गई.

निपाह वायरस कैसे फैलता है

निपाह वायरस जानवरों के माध्यम से फैलता है. सामान्यतः यह चमगादड़ों और सूअरों के जरिए इंसानों में फैलता है. अगर कोई व्यक्ति संक्रमित चमगादड़ या सूअर के संपर्क में आता है तो वह भी संक्रमित हो जाता है. हालांकि यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है, लेकिन इस साल मार्च में दो बांग्लादेशी शोधकर्ताओं ने अपने हालिया अध्ययन में बताया कि एक संक्रमित व्यक्ति की सांस की बूंदें वायरस को फैला सकती हैं.

क्या कोरोना वायरस जितनी तेजी से फैलता है यह वायरस

निपाह वायरस, कोरोना वायरस की तुलना में धीरे-धीरे फैलता है. हालांकि निपाह वायरस से मरने वालों की संख्या ज्यादा है. साल 1999 में मलेशिया में निपाह वायरस के कारण 265 मरीजों में से 105 मरीजों की मौत हो गई थी. पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में पहले प्रकोप के दौरान 66 संक्रमित लोगों में 45 की मौत हो गई. वहीं साल 2007 में दूसरे प्रकोप के दौरान पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में निपाह वायरस के कारण 5 लोगों की मौत हो गई. केरल में साल 2018 में 18 संक्रमित मरीजों में से 17 मरीजों की मौत हो गई.

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Source- Wikipedia

निपाह वायरस के लक्षण

निपाह वायरस से संक्रमित व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, गले में दिक्कत और निमोनिया जैसी दिक्कते होती हैं. वायरस के लक्षण सामान्यतः 5 से 14 दिन के भीतर दिखाई देता है.

निपाह वायरस का टेस्ट

किसी व्यक्ति में निपाह वायरस का पता करने के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट किया जाता है इसके अलावा पीसीआर, सीरम न्यूट्रिलाइजेशन टेस्ट और एलाइजा टेस्ट के जरिए भी इस वायरस की पहचान की जा सकती है.

निपाह वायरस का इलाज

अभी तक निपाह वायरस के लिए कोई कारगर दवा या टीका नहीं है. हालांकि Ribavirin दवा को इस वायरस के खिलाफ असरदार माना जा रहा है लेकिन अभी तक इस दवा का टेस्ट केवल लैबोरेट्री में किया गया है.

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Source- IndiaTv

निपाह वायरस से बचाव

निपाह वायरस से केवल सतर्क रह कर ही बचा जा सकता है. इसलिए इस वायरस से बचने के लिए चमगादड़ और सूअर के संपर्क में आने से बचें, पेड़ से गिरे फल को अच्छी तरह साफ करके खाएं. मास्क का प्रयोग करें और हाथ को समय-समय पर धोते रहें. वहीं वायरस से संबंधित कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

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