Take a fresh look at your lifestyle.

जब आतंकियों ने इजराइल के 12 खिलाड़ियों की कर दी हत्या

'Operation Wrath of GOD' Part-1 :

हम बात कर रहे हैं साल 1972 के म्युनिक ओलम्पिक की, हम बात कर रहे हैं इजराइल के उन 12 खिलाडियों की जिनकी हत्या कर दी गई, हम बात कर रहे हैं उस देश की जो आतंकियों के घर फूल भेजता है और एक पोस्टकार्ड भी जिसमे लिखा होता है “हम न भूलते हैं न माफ़ करते हैं” और हम बात कर रहे है इज़राइल के Operation Wrath of God की.ओलंपिक में हुई थी इजराइल के 12 खिलाडियों की हत्या

हम बात कर रहे हैं साल 1972 के म्युनिक ओलंपिक की, हम बात कर रहे हैं इज़राइल के उन 12 खिलाडियों की जिनकी हत्या कर दी गई, हम बात कर रहे हैं उस देश की जो आतंकियों के घर फूल भेजता है और एक पोस्टकार्ड भी जिसमे लिखा होता है “हम न भूलते हैं न माफ करते हैं” और हम बात कर रहे है इज़राइल के Operation Wrath of God की.

फिलिस्तीनी आतंकियों ने खिलाड़ियों को बनाया था बंधक

5 सितंबर 1972 सुबह के लगभग ४ बजे थे की इज़राइल की प्रधानमंत्री गोल्डा मेयर को सूचना मिलती है की उनके खिलाडियों को कुछ फिलिस्तीनी आतंकियों ने बंधक बना लिया है जर्मन सरकार ने उन्हें बताया की आतंकियों ने क़रीब 200 से ज्यादा फिलिस्तीनी बंधकों को छोड़ने तथा एक हेलीकाप्टर की मांग की है.

आतंकी हमले के लिए जर्मनी नहीं था तैयार 

गोल्डा जर्मनी से इज़राइल की स्पेशल फोर्सेज सैरात मटकल को जर्मनी भेजने की इज़ाज़त मांगती है पर जर्मनी उन्हें मना कर देता है जर्मनी ने इससे पहले कभी किसी आतंकी हमले को फेस नहीं किया था और ये बात इस हमले मेंं साफ़ नज़र आती थी ज़र्मनी आतंकियों को मनाने नाकामयाब हो जाता है जिस कारण आतंकी सारे खिलाड़ियों को जान सेे मार देते हैंं.

इजराइल ने की फिलिस्तीन पर बमबारी

पूरा इज़राइल भड़क उठता है. गोल्डा मेयर अपने देशवासियों को आश्वासन देते हुए कहती हैं “इस घटना से जुड़े हुए एक भी शख्स को बक्शा नहीं जायेगा धरती के आखिरी कोने से भी हम उन्हें ढूंढ कर सजा देंगे”. घटना के दो दिन बाद इज़राइल फिलिस्तीन के कई इलाकों में बमबारी करता है. जिससे हज़ारो फिलिस्तीनी नागरिक और आतंकी मारे जाते हैं पूरी दुनिया को लगता है की बात यहां खत्म हो गई लेकिन इज़राइल ने कुछ और ही सोच रखा था.

इजराइल
इजराइल

इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद ने संभाला मोर्चा

इज़राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद गोल्डा मेयर को बताती है की ये आतंकी हमला पीएलओ यानी फिलिस्तीनी लिबरेशन आर्गेनाइजेशन से ही अलग हुए एक नए आतंकी संगठन BLACK SEPTEMBER ने प्लान किया था और हमने उन सारे आतंकियों की लिस्ट तैयार कर ली है जो भी इसमें शामिल थे. ये इस वक्त पूरी दुनियां में कहीं भी छिपे हो सकते हैं पर हम तैयार है ऑपरेशन रैथ ऑफ़ गॉड के लिए, आप परमीशन दें.

मोसाद और इज़राइल आगे क्या करने वाले थे, गोल्डा मेयर से किस बात की परमीशन मांगी जा रही थी? और क्या था ऑपरेशन रैथ ऑफ़ गॉड? जानने के लिए पढ़िए “Operation Wrath of GOD” का दूसरा भाग यहां

Comments are closed.