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‘HUBBLE’ एक ऐसा दूरबीन जिसने ब्रह्मांड के कई रहस्यों से उठाया पर्दा

अब तक 7 लाख से ज्यादा तस्वीरें भेज चुका है ये दूरबीन

HUBBLE एक खगोलीय दूरबीन है जिसे 24 अप्रैल 1990 को पृथ्वी की सतह से 568 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में स्थापित किया गया था. तब से लेकर अब तक, यह दूरबीन ब्रह्मांड की अनेक आकाशगंगाओं, निहारिकाओं, तारों और अन्य चीजों की लगभग 7 लाख से ज्यादा तस्वीरें भेज चुकी है, जिसने हमें ब्रह्मांड को जानने में बहुत ज्यादा सहायता की है.

हबल दूरदर्शी को NASA ने युरोपियन स्पेस एजेंसी की सहायता से तैयार किया था. लेकिन इसे जिस अंतरिक्ष यान (Space Shuttle) डिस्कवरी द्वारा अंतरिक्ष में भेजा गया था, वो पूरी तरह से NASA का तैयार किया हुआ था.

टाइटैनिक से की गयी तुलना 

हबल को वैसे तो  1983 में लॉन्च करने की योजना बनाई गयी थी. लेकिन कुछ तकनिकी दिक्कत आने  और बजट में कुछ गड़बड़ी आने के कारण इसे 1990 में लांच किया गया.  1990 में भी उसे लांच करने के बाद लोगों के इसमें कुछ गलतियां  दिखाई गयी और इसकी तुलना टाइटैनिक से की जाने लगी. ये एक JOKE का पात्र बन गया था.

हबल दूरदर्शी को इस हिसाब से तैयार किया गया था कि कोई खराबी आने पर इसकी सर्विस की जा सके. वैज्ञानिकों ने ऐसा ही किया, उन्होंने 1993 में अंतरिक्ष में जाकर इस दूरबीन को ठीक कर दिया, जिससे करोड़ो डॉलर बर्बाद होने से बच गए.

TECHNICAL PROBLEM के लिए ये किया वैज्ञानिक ने 

दरअसल इस दूरबीन में जो मुख्य समस्या थी वो थी समतल की. इसके समतल का फोकस ठीक न होने वजह से सामने के FEATURE ठीक से नहीं दिखते  थे.  हबल को ठीक करने का पहला मिशन 11 दिन तक चला था. जिसमें अलग-अलग वैज्ञानिक 35 घंटे 28 मिनट अंतरिक्ष में यान से बाहर रहे और इस दूरबीन को ठीक किया.वैज्ञानिकों द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक 2020 तक हबल से भी बड़ी दूरबीन आने के अनुमान लगाए जा रहे हैं

हबल दूरबीन पर अब तक कुल 5 सर्विसिंग मिशन भेजे जा चुके हैं. पहला 1993 में और आखरी मई 2009 में. इसकी एक सर्विसिंग पर लगभग 50 करोड़ डॉलर की लागत आई थी .बता दें इस दूरबीन का वजन 11 टन और दूरबीन की लम्बाई 13.2 और इसका DIAMETER 4. 2 है.

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