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भारत बना रहा है एक ऐसी तोप जो दुश्मन के दांत कर देगा खट्टे

ऑडिर्नेस फैक्ट्री बोर्ड को मिली 114 तोप बनाने की जिम्मेदारी

पहली बार भारत सरकार द्वारा संचालित एक विशाल औद्योगिक प्रतिष्ठान ऑडिर्नेस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) को भारत में ही बड़े पैमाने पर हथियार बनाने का काम सौंपा गया. इसी सप्ताह सोमवार को ऑडिर्नेस फैक्ट्री को पहली बार 114 स्वदेशी 155एमएम x 45 कैलिबर की तोप के निर्माण के लिए बड़े स्तर पर उत्पादन को हरी झंडी दी गई. ये तोप है ‘धनुष’ जिसके आर्टिलरी गन भी कहते हैं.

दूर तक मार कर सकती है धनुष

दूर तक मार कर सकने वाली ये तोप मुश्किल से मुश्किल रास्तों पर आसानी से चल सकती है और दिन के उजाले के साथ-साथ रात में भी सटीक निशाना लगा सकती है. 18 फरवरी को टीम धनुष को इसके उत्पादन की अनुमति मिलने को विकास की ओर बढ़ते कदम और उत्पादन की शुरुआत के तौर पर देखा जाना चाहिए.

भारतीय सेना को धुनष से होगा फायदा

इसका वजन 13 टन है और प्रत्येक तोप की कीमत 13 करोड़ रूपये है. धनुष एक स्व-चालित बंदूक है जिसमें गोली चलाने और खुद भागने की क्षमता है ताकि जवाबी कार्रवाई से बचा जा सके. धनुष अपनी भाप पर 5 किमी. प्रति घंटे की रफ़्तार से चल सकती है.

18 तोपों से शुरुआत कर रहे हैं जो हम सेना को दिसंबर 2019 तक देंगे. हमारा लक्ष्य साल 2022 तक बाकी की तोपों की डिलीवरी करना है. इन 114 तोपों की डिलीवरी पूरी होने से पहले ही धनुष के भविष्य की संभावनाएं बढ़ जाएंगी. तोप प्रणाली के 155 मीमी. परिवार की ओर क्रमिक रूप से बढ़ने के सेना के फैसले का मतलब है ​कि धनुष के बढ़ने की वाकई गुंजाइश है. पिछले नवंबर भारतीय सेना में 145 एम777 ए2 अल्ट्रा लाइट होवित्ज़र और के9 वाजरा तोपें शामिल की गई हैं.

 

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