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भारतीय वायुसेना के एयर स्ट्राइक में जैश-ए-मोहम्मद के कई कमांडर हुए ढेर

एक कमांडर था मसूद अजहर का गुरू

भारत की तरफ से की गई कार्रवाई में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को बड़ा नुकसान हुआ है. पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना के हमले में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के कई टॉप कमांडर मारे गए हैं. भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा की गई प्रेस कांफ्रेंस में इस बात की जानकारी दी गई है. विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि एयरफोर्स ने बालाकोट में हमला किया, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के कई बड़े सीनियर कमांडर्स और आतंकी मारे गए हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से लगातार बढ़ते हमलों के बीच बड़ी कार्रवाई की जरूरत थी.

मारा गया मसूद अजहर का साला

खबरों के मुताबिक, कई आतंकी कैंपों को मौलाना यूसुफ उर्फ उस्ताद गौरी चला रहा था, जो जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर का साला है. और इस हमले में उसके मारे जाने की खबर है. खबरों की माने तो मसूद अजहर अपने साले को गुरू की तरह मानता था. गुरु इसलिए वो आतंकी वारदातों का मास्टरमाइंड था. अजहर 1999 में भारतीय विमान आईसी 814 के अपहरण में भी शामिल था. अजहर के खिलाफ भारत में अपहरण और हत्या के मामले दर्ज हैं.

यूसुफ अजहर था मसूद का गुरू

साल 2002 में भारत सरकार ने पाकिस्तान को 20 भगोड़े आतंकियों की सूची सौंपी थी. इस सूची में यूसुफ अजहर का भी नाम था. साल 2000 में सीबीआई के अनुरोध पर इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था. अजहर उर्दू और हिंदी बोलने में माहिर था.

भारत में कई आतंकी घटनाओं के लिए जिम्मेदार था यूसुफ अजहर

इसके अलावा बालाकोट में एक और कैंप पर हमला किया गया है. बताया जा रहा है कि इस कैंप को मसूद अजहर का एक और साला अजहर महमूद चलाता था. मसूद अजहर के नेतृत्व वाला जेईएम पाकिस्तान में सक्रिय है और 2001 के संसद हमले और पठानकोट हवाई हमले सहित कई आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार है.

जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना ने पीओके में घुसकर जैश के ठिकानों पर हमला किया है. बताया जा रहा है कि रात करीब साढ़े तीन बजे एक साथ 12 मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने आतंकियों के बड़े ठिकानों पर हमला किया और उसे पूरी तरह से तबाह कर दिया.

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