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भारत रत्न Atal Bihari Vajpayee के बारे में 10 रोचक तथ्य जानिये

25 दिसंबर के दिन भारत के 10वें प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म हुआ था.

Atal Bihari Vajpayee राजनीतिक क्षेत्र का एक ऐसा नाम जिन्होनें निष्पक्ष होकर सत्ता में राज किया और अपने ‘अटल’ विचारों से पूरी दुनिया में एक अलग पहचान बनाई. उन्होंने खुद को कभी भी विचारधारा की कीलों से नहीं बंधने दिया.

Atal Bihari Vajpayee
Atal Bihari Vajpayee

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आज ही के दिन यानी कि 25 दिसंबर को अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म हुआ था. उनके राजनीतिक लगाव की बात करें तो उत्तर प्रदेश उनके सबसे करीब रहा है. वो प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सांसद भी रहे हैं.

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लोगों को नई दिशा देने के लिए उन्होंने कभी खुद के बारे में सोचा ही नहीं. और ना ही कभी इस बात की ओर ध्यान दिया कि उन्हें अपने जीवन में किसी साथी की जरूरी है. कवि के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले अटल जी की शुरुआत पत्रकारिता से हुई. जो उनके राजनीतिक जीवन की आधारशिला बनी.

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photo credit-Navbharat Times

साल 1957 में देश की संसद में जनसंघ से सिर्फ चार सदस्यों को चुना गया, जिसमें अटल बिहारी वाजपेयी भी शामिल थे. जानकारी के लिए बता दें कि संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए हिंदी में भाषण देने वाले पहले राजनीतिज्ञ थे.

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अटल बिहारी वाजपेयी ने 20 साल तक जनसंघ के संसदीय दल के नेता के रूप में काम किया. ऐसा कहा जाता है कि संसद में इंदिरा गांधी को दुर्गा की उपाधि उन्हीं ने दी थी. 16 अगस्त साल 2018 में लंबी बीमारी के बाद इनका निधन हो गया था.

Atal Bihari Vajpaye के जीवन से जुड़ी 10 बातें

1. Atal Bihari Vajpayee का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था. उनके पिता का नाम श्री कृष्णा बिहारी वाजपेयी और माता का नाम कृष्णा देवी था. अटल जी के पिता स्कूल में अध्यापक थे.

2. अटल जी ने ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज से हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी विषय से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने कानपुर के डीएवी कॉलेज से राजनीति शास्त्र से एमए किया.

3. Atal Bihari Vajpayee देश के 10वें प्रधानमंत्री थे. वह तीन बार देश के Prime Minister बने. पहली बार 16 मई 1996 से 1 जून तक, दूसरी बार साल 19 मार्च 1998 से 26 अप्रैल 1999 तक और तीसरी बार 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई से 2004 तक.

4. वाजपेयी जीवन भर अविवाहित रहे और बाद में उन्होंने एक लड़की को गोद लिया था जिसका नाम उन्होंने नमिता रखा.

5. अटलजी देश के ऐसे पहले नेता हैं, जिन्होंने 1977 में सयुंक्त राष्ट्र की सभा में हिंदी भाषण दिया था. अटलजी ने ही सयुंक्त राष्ट्र में हिंदी भाषा को पहचान दिलवाई थी.

6. राजनेता से पहले अटलजी पत्रकार थे. उन्होंने पांचजन्य, राष्ट्रधर्म, वीर अर्जुन और स्वदेश जैसे अखबारों और पत्रिकाओं का संपादन किया था.

7. राजनीतिक जीवन के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी 10 बार लोकसभा सदस्य चुने गए और दो बार राज्यसभा के सदस्य बने.

8. जब देश की सत्ता संभालने वाले ज्यादातर प्रधानमंत्री ने भारत को विश्वशक्ति बनाने के लिए परमाणु बम का परीक्षण करने की बात कर रहे थे, वहीं अटल बिहारी वाजपेयी ने लीग से हटकर पहली बार पोखरण में एक के बाद एक पांच परमाणु बम परीक्षण करने का माद्दा दिखाया. उन्होंने बड़े ही गोपनीय तरीके से इस परीक्षण को अंजाम दिलाया.

9. साल 2015 में उन्हें भारत के सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया.

10. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 16 अगस्त 2018 को आखिरी सांस ली थी.

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