दो राज्यों के बीच बना भारत का अनोखे रेलवे स्टेशन, टिकट कटवाएं एक राज्य में, ट्रेन पकड़े दूसरे राज्य में

हमारा प्यारा भारत अनोखे चीजों से भरा हुआ है. भारत के बारे में अक्सर आपको ऐसी खबरें देखने को मिल जाएगी, जिसे देखकर आप चौंक उठेंगे. आज हम आपको एक ऐसी ही अनोखी चीज के बारे में बताने जा रहें हैं. ये खबर भारतीय रेलवे से जुड़ी है.

भारतीय रेलवे दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है, जो पूरब से लेकर पश्चिम तक और उत्तर से लेकर दक्षिण तक पूरे भारत को एक दूसरे से कनेक्ट करता है. लेकिन आप सोंच रहें होंगे कि इसमें अनोखी बात क्या है? तो आपको बता दें कि इसमें अनोखा है भारतीय रेलवे का नवापुर और भवानी मंडी रेलवे स्टेशन.

Piyush Goyal Tweet about navapur
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इन दोनों स्टेशनों का एक हिस्सा एक राज्य में, तो दूसरा हिस्सा दूसरे राज्य में पड़ता है. यानी एक ही स्टेशन दो राज्यों में स्थित है. ये है न अनोखी बात! इस बात का जिक्र पूर्व रेलमंत्री पियूष गोयल भी कर चुके हैं.

नवापुर रेलवे स्टेशन का अनोखापन

नवापुर एक नगर पंचायत है, जो महाराष्ट्र में पड़ता है. लेकिन यहाँ मौजूद रेलवे स्टेशन पूर्ण रूप से इसका नहीं है.
नवापुर रेलवे स्टेशन का आधा हिस्सा महाराष्ट्र में और दूसरा आधा गुजरात में पड़ता है. इस स्टेशन की लम्बाई 800 मीटर है, जिसका 500 मीटर गुजरात में और 300 मीटर महाराष्ट्र में है.

Navapur Railway station
Navapur Railway station platform

इससे से भी दिलचस्प बात यह है कि गुजरात एक ड्राई स्टेट है, इसलिए आप स्टेशन के गुजरात वाले हिस्से में शराब का सेवन नहीं कर सकते है. वहीं महाराष्ट्र में पान मसाला और गुटखा प्रतिबंधित है, इसलिए आप स्टेशन के महाराष्ट्र वाले हिस्से में इसका सेवन नहीं कर सकते हैं.

चार भाषाओं में होती है घोषणा

इसके अलावा आम तौर पर किसी भी स्टेशन पर ट्रेन की सुचनाओं की घोषणा अधिकतम तीन भाषाओं में की जाती है. हिन्दी, अंग्रेजी और एक उस स्टेशन की लोकल भाषा में. लेकिन इस स्टेशन पर चार भाषाओंं मराठी, हिन्दी, गुजराती और अंग्रेजी में घोषणा की जाती है, जो इस स्टेशन को और भी खास बनाती है.

भवानी मंडी रेलवे स्टेशन का अनोखापन

Bhawani Mandi Railway station
Bhawani Mandi Railway station

राजस्थान में स्थित ये शहर भी नवापुर की तरह ही एक नगर पंचायत है और इसका रेलवे स्टेशन भी दो राज्यों में बँटा हुआ है. इस स्टेशन को 1911 में आजादी से पहले अंग्रेजों द्वारा बनाया गया था. ये रेलवे स्टेशन राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच बँटा हुआ है. एक तरफ जहाँ इसका उत्तरी हिस्सा मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में पड़ता है, वहीं दूसरी तरफ इसका दक्षिणी हिस्सा राजस्थान के झालावाड़ जिले में पड़ता है.

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