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अंतरिक्ष में फिर परचम लहराएगा भारत, उठाने जा रहा ये कदम

ISRO फिर करेगा एक कमाल

अंतरिक्ष विज्ञान में दुनिया आज कहां से कहां पहुंच गया है. अभी हाल ही में इजरायल और जापान ने भी अंतरिक्ष की दुनिया में नया स्थान बनाया है. एक ओर जहां NASA जैसे उत्कृष्ठ अंतरिक्ष एजेंसी के अलावा विश्व के और भी देश इस क्षेत्र में मजबूती से कदम रख रहे हैं.

अगर भारत की बात की जाए तो एक समय था जब भारत अपने पहले अंतरिक्ष यान को साइकल पे जाया करता था. पर तब से लेकर आज तक भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान में लगातार विकास किया है. भारत आज दूसरे देशों के भी उपग्रह को अपने तकनीक से भारत में प्रक्षेपित कर रहा है. इस कड़ी में भारत ने एक और उपलब्धि हासिल करने वाला है.

ISRO

ISRO फिर लॉन्च करेगा 29 कमार्शियल उपग्रह

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष ने कहा कि पोलर सेटेलाईट लांच व्हीकल सी 45 आर्बिट मिशन-3, 21 मार्च को लांच किया जाएगा. इसरो भारतीय इलेक्ट्रोनिक खुफिया उपग्रह लांच करने के साथ ही अन्य देशों का 29 कमार्शियल उपग्रह लांच करेगी.

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PSLV-3 अलग-अलग कक्षाओं में प्रेक्षेपित करेगा उपग्रह

इस मिशन की विशेषता ये है की पहली बार पीएसएलवी 3 अलग-अलग कक्षाओं में उपग्रहों का प्रेक्षण करेगा. इस उपग्रह को रणनीतिक मकसद से लांच किया जा रहा है. इससे भारत को काफी मिलने वाला है. ये भारतीय वैज्ञानिकों की बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है.

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ISRO करेगा इलेक्ट्रोनिक खुफिया उपग्रह लांच

इस विषय की तैयारी प्रौद्योगिकी में आधुनिकता बनाए रखने की कुंजी है और इसरो, जैसे-जैसे देश की आवश्‍यकताएं एवं आकांक्षाएं बढ़ती हैं, अपनी प्रौद्योगिकी को इष्‍टतमी बनाने व बढ़ाने का प्रयास करता है.

इस प्रकार इसरो भारी वाहक प्रमोचितों, समानव अंतरिक्ष उड़ान परियोजनाओं, पुनरूपयोगी प्रमोचक राकेटों, सेमी-क्रायोजेनिक इंजन, एकल तथा दो चरणी कक्षा (एस.एस.टी.ओ. एवं टी.एस.टी.ओ.) राकेटों, अंतरिक्ष उपयोगों के लिए सम्मिश्र सामग्री का विकास एवं उपयोग इत्‍यादि के विकास में अग्रसर है.

 

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