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भगोड़े विजय माल्या को भारत लाने के रास्ते खुले, प्रत्यर्पण संधि के बारे में जानें

भारतीय बैंकों से करीब 9 हजार करोड़ रुपये का घोटाला करने के बाद लंदन भागे भगोड़े शराब व्यापारी विजय माल्या को भारत वापस लाने की उम्मीदें एक बार फिर से जग गई हैं. जानकारी के अनुसार भगोड़े विजय माल्या को भारत प्रत्यर्पित करने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं. प्रत्यर्पण संधि के जरिए विदेश भागे अपराधियों को वापस भारत लाने वाली प्रत्यर्पण संधि के बारे में जानें

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Source-Webduni

प्रत्यर्पण संधिः

प्रत्यर्पण संधि किन्हीं दो देशों के बीच होने वाली वह संधि या समझौता है, जिसके अनुसार किसी भी देश में कोई अपराध करके किसी दूसरे देश में जाकर रहने वाले अपराधियों को लौटा दिया जाता है. भारत ने अभी तक कल 47 देशों के साथ प्रत्यर्पण संधि है, लेकिन दुनिया के अन्य देशों के साथ ही प्रत्यर्पण संधि के लिए सरकार प्रयासरत है. केंद्र सरकार इस प्रयास में लगी हुई है कि जो आर्थिक अपराधी देश छोड़कर विदेश में हैं, उन्हें वापस भारत लाया जा सके.

अभी तक के प्रत्यर्पणः

  • वर्ष 2002 से अब तक 62 भगोड़े अपराधियों का प्रत्यर्पण भारत को सफलतापूर्वक किया जा चुका है.
  • भारत ने 45 आरोपियों को दूसरे देशों को सौंपा है.
  • भारत से सबसे ज्यादा अपराधियों के प्रत्यर्पण अमेरिका किए गए हैं.

इन देशों ने किए हैं हस्ताक्षर :

भारत के साथ जिन देशों ने प्रत्यर्पण संधियों पर हस्ताक्षर किए वो अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, अजरबेजान, बहरीन, बांग्लादेश, बेलारूस, बेल्जियम, भूटान, ब्राजील, बुल्गारिया, कनाडा, चिली, मिस्र, फ्रांस, जर्मनी, हांगकांग, इंडोनेशिया, ईरान, इजराइल, कजाकिस्तान, कुवैत, मलेशिया, मॉरीशस, मैक्सिको, मंगोलिया, नेपाल, नीदरलैंड्स, ओमान, फिलिपींस, पोलैंड, पुर्तगाल, कोरिया गणराज्य, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, स्विट्जरलैंड, ताजिकिस्तान, थाइलैंड, ट्यूनीशिया, तुर्की, संयुक्त अरब
अमीरात, ब्रिटेन, युक्रेन, संयुक्त राज्य अमरीका, उज्बेकिस्तान और वियतनाम देश हैं.

Source-Jansatta

ब्रिटेन और भारत

भारत और ब्रिटेन के बीच प्रत्यर्पण संधि 1993 में हुई थी. भारत अब तक दो लोगों को ब्रिटेन को सौंप चुका है. अभी तक के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार ब्रिटेन में प्रत्यर्पण के 17 मामले अटके हुए हैं .

विशेषज्ञों के अनुसार आपराधिक एवं मानहानि जैसे मामलों में थोड़ा समय जरूर लग सकता है. अधिकतर मामलों में देरी दोनों तरफ के सरकारी तंत्र के देर से जागने के कारण होती हैं. जुलाई 2016 तक ब्रिटेन से 16 लोगों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चल रही थी. माल्या को मिलाकर इनकी संख्या 17 हो गई हैं. इनमें ललित मोदी, संगीतकार नदीम और गुजरात में धमाकों (1993) का आरोपी टाइगर हनीफ भी शामिल है.

भारत में हुए प्रत्यर्पणः

  • भारत और ब्रिटेन के बीच हुई प्रत्यर्पण संधि के बाद प्रत्यर्पण के जरिए पहले आरोपी को भारत लाने में 23 साल लग गए. इसमें हत्या के मामले में सिर्फ एक आरोपी समीरभाई वीनूभाई पटेल को 19 अक्टूबर 2016 को प्रत्यर्पण कर भारत लाया गया था. बाकी 13 आरोपियों को अलग-अलग अपराधों में प्रत्यर्पित कर लाया गया.
  • भारत अलग-अलग अपराधों में जिन 62 लोगों को प्रत्यर्पित कर लाया है, उनमें सबसे ज्यादा 15 हत्या के मामलों में आरोपी हैं.
  • आतंकवाद के मामले में भी 9 आरोपी प्रत्यर्पण संधि के तहत लाए गए हैं.

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