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अगर बद्रीनाथ जाएं तो भारत के आखिरी गांव ‘माणा’ जरूर जाएं

भारत का आख़िरी गांव है ‘माणा’. यहां से कुछ किलोमीटर दूर पर है दुनिया का सबसे ऊंचा Motorable Road Mana Pass. ये समुद्रतल से करीब 18,399 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित है. ऊपर नीला आकाश, नीचे पथरीली ज़मीन, हाड़ कंपा देने वाली हवा, कुछ ऐसा नज़ारा होता है. यहां पर मोटर या फिर बाइक राइडिंग करने का एक अलग ही मज़ा है.

माणा पास इंडिया-चाइना बॉर्डर पर स्थित है, जिसे ज़ीरो पॉइंट भी कहा जाता है. इसलिए यहां पर आम लोगों का जाना बैन है. उत्तराखंड सरकार इस दर को आम लोगों के लिए खोलने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.

MANAPASS
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अगर आप यहां जाना चाहते हैं तो आपको सरकार और सेना दोनों से स्पेशल परमिशन लेनी पड़ेगी. अगर आप इसे हासिल नहीं कर पाते हैं, तो आपको माणा गांव से ही वापस लौटना पड़ सकता है. यहां पर देश का आख़िरी पोस्ट ऑफ़िस, आख़िरी टी-स्टॉल, आख़िरी स्कूल, आख़िरी पुलिस चेक पोस्ट है. सरस्वती नदी का बेहतरीन स्थल देओ ताल भी यहीं पर मौजूद है.

माणा पास का वातावरण बहुत ही सर्द है और यहां अकसर लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है. भूस्खलन का भी ख़तरा बना रहता है. साथ ही ये जगह सामरिक दृष्टी से भी बहुत महत्वपूर्ण है. इसलिए अभी तक इसे आम लोगों के लिए खोला नहीं गया है.लेकिन आज हम आपको माणा पास पहुँचने का थोड़ा आसान तरीका बताते हैं.

माणा

कैसे पहुंचे माणा पास?

यहां पहुंचने के लिए दिल्ली से आप ऋषिकेश तक का सफ़र रेलगाड़ी से तय करें. ऋषिकेश से आपको जोशीमठ के लिए बस लेनी होगी. जोशीमठ पहुंचने के बाद आपको फिर से बद्रीनाथ तक का सफ़र बस से करना होगा. यहां से माणा पास का सफ़र आप कार या मोटरसाइकल से कर सकते हैं, जो 55 किलोमीटर का है.

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