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ऐतिहासिक मंदिरों और खूबसूरत वादियों का समागम है राजस्थान का स्वर्ग

माउंट आबू राजस्थान का मशहूर हिल स्टेशन है

राजस्थान का स्वर्ग कहा जाने वाला माउंट आबू पूरे राज्य की एक तरफा खूबसूरती अपने अंदर समेटे हुए है. सिरोही जिले में स्थित माउंट आबू यहां का मशहूर हिल स्टेशन है. इसकी मनोरम वादियां और यहां के ऐतिहासिक मंदिर देशी और विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है.

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अरावली की पहाड़ियों की सबसे ऊंची चोटी पर बसे माउंट आबू की भौगोलिक स्थित और वातावरण राजस्थान के अन्य शहरों से बिल्कुल अलग और मनोरम है. समुद्र तल से 1220 मीटर की ऊंचाई पर स्थित आबू पर्वत राजस्थान का एकमात्र पहाड़ी नगर है. इतना ही नहीं माउंट आबू हिन्दू और जैन धर्म का प्रमुख तीर्थस्थल भी है. आइए जानते हैं यहां के प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में.

दिलवाड़ा जैन मंदिर- यह मंदिर श्वेत संगमरमर के गुंबद का भीतरी भाग, दीवारें, छतें और स्तंभ अपनी महीन नक़्क़ाशी और अभूतपूर्व मूर्तिकारी के लिए प्रसिद्ध हैं. दिलवाड़ा जैन मंदिर का निर्माण 11वीं और 13वीं शताब्दी के बीच हुआ था. पांच मंदिरों के इस समूह में विमल वासाही मंदिर सबसे पुराना है.


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ऐसा कहा जाता है कि प्राचीन समय में एक रसिया बालम नाम का व्यक्ति माउंट आबू में काम की तलाश में आया था और उसे यहां के राजा की बेटी से प्यार हो गया. जब बात राजा के सामने आई तो उसने ये शर्त रखी, अगर रसिया बालम एक रात में अपने नाखूनों से झील बना दे तो वो अपनी बेटी से उसकी शादी करा देंगे. रसिया बालम ने राजकुमारी को पाने के लिए एक ही रात में अपने नाखूनों से झील खोद दी थी. इसी वजह से इस झील का नाम नक्की झील पड़ा.

गोमुख मंदिर- इस मंदिर के परिसर में गाय की एक मूर्ति है जिसके मुख से पानी की धारा बहती रहती है.

अर्बुदा देवी मंदिर- यह मंदिर माउंट आबू के पहाड़ के ऊपर स्थित है. कहा जाता है, आबू पर्वत की तलहटी में अर्बुद नाम का नाग का रहता था, जिसकी वजह से इस पहाड़ को आबू कहा जाता है.

सनसेट प्वाइंट- इस जगह से डूबते हुए सूरज की ख़ूबसूरती को देखा जा सकता है. यहां से दूर तक फैले हरे भरे मैदानों के दृश्य काफी मनोरम लगते हैं.

गुरु शिखर- यह अरावली पर्वत शृंखला की सबसे ऊंची चोटी है. गुरु शिखर से कुछ पहले विष्णु भगवान के एक रूप दत्तात्रेय का मंदिर है. शिखर पर एक ऊंची चट्टान है और एक बड़ा-सा प्राचीन घंटा भी लगा हुआ है.

टोड रॉक – ये स्थान भी पर्यटकों को खूब लुभाता है, यहां एक ऐसी चट्टान है जो मेंढक के आकार जैसी है.

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