22 जुलाई को जंतर-मंतर पर धरना देंगे 200 किसान

मानसून सत्र के दौरान किसान संसद घेरने की तैयारी कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस और संयुक्त किसान मोर्चा के बीच हुई बैठक में किसानों ने बताया कि वे संसद सत्र के दौरान 22 जुलाई को जंतर-मंतर पर तीन कृषि कानूनों के खिलाफ धरना देंगे. 200 की संख्या में किसान 5 अलग-अलग बसों में सवार होकर संसद की तरफ कूच करेंगे.

किसान नेता शिव काका ने बताया कि किसान सुबह 10 बजे से शाम के 5 बजे तक धरना देंगे. हर दिन एक स्पीकर का चुनाव किया जाएगा. सभी किसानों के पास उनका आधार और संगठन का कार्ड होगा. हर चार किसानों पर एक मुखिया की तैनाती की जाएगी. किसानों द्वारा प्रस्तावित 22 जुलाई को संसद मार्च में टीकरी और सिंघु बॉर्डर के नेता भी शामिल होंगे.

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भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने बताया कि 200 किसान 22 जुलाई को संसद की तरफ जाएंगे. आज इस बात का फैसला हो जाएगा कि कौन-कौन से किसान किस दिन और कब संसद की तरफ जाएंगे. राकेश टिकैत ने आगे कहा कि हम हंगामा खड़ा करने नहीं जा रहें हैं. हम तो किसान हैं. सरकार के सामने हम अपनी बात रखने के जा रहे हैं. 26 जनवरी को किसान प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के सवाल पर टिकैत ने कहा कि 200 आदमी क्या हंगामा कर सकते हैं. जब 25 लाख आदमी गए थे तब भी कुछ नहीं किया गया था. इस बार तो हम लोग बस से जा रहे हैं. जब टैक्टर लेकर जाएंगे तब भी बता कर ही जाएंगे.

फोन टैपिग के सवाल पर टिकैत ने कहा, कि सरकार से कोई बात नहीं छिप सकती है. अगर प्रशासन को किसी की जानकारी निकलवानी है तो वे लोगों के फोन टेप करती हैं. हमें पता चला है कि हमारी भी बातें कहीं और सुनी जा रही है.