अडानी ग्रुप को मिला एक और एयरपोर्ट, 50 साल के लिए लीज पर मिला

देश की जानी-मानी उद्योग समूह अडानी ग्रुप को जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नियंत्रण दे दिया गया है. इसके अलावा अडानी ग्रुप ने तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन, प्रबंधन और विकास की जिम्मेदारी भी संभाल ली है. औपचारिक रूप से ऐलान होने के बाद अडानी ग्रुप ने ट्वीट करते हुए कहा कि देश में यात्रियों की सेवा और उनका स्वागत करना सौभाग्य की बात है.

अडानी ग्रुप ने तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन मिलने पर कहा, ‘यह प्रवेश द्वार है. इसका हवाई अड्डे का संचालन करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है.’ अडानी ग्रुप ने इस ट्वीट को अंग्रेजी और मलयालय दोनों भाषाओं में किया.

केरल सरकार ने केंद्र सरकार के इस फैसले का किया विरोध

केरल में सत्ताधारी एलडीएफ और विपक्षी पार्टी यूडीएफ ने इसका विरोध किया था लेकिन इसके बावजूद तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे का संचालन अडानी समूह के पास चली गई. साल 2020 में केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे के निजीकरण के विरोध में एक प्रस्ताव पास किया था. तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डा चार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में से पहला है. इसकी स्थापना साल 1932 में हुई थी.

50 सालों के लिए अडानी ग्रुप का हुआ जयपुर एयरपोर्ट

केंद्र सरकार ने जयपुर इंटरनेशनल हवाई अड्डे को 50 साल के लिए अडानी ग्रुप को लीज पर दिया है, एयरपोर्ट के डायरेक्टर जेएस बलहाराने ने 11 अक्टूबर को अडानी जयपुर इंटरनेशनल लिमिटेड के चीफ एयरपोर्ट ऑफिसर विष्णु झा को प्रतीकात्मक चाभी सौंपी. अडानी के पास पहले से ही छह एयरपोर्ट है इसे लेकर अब उसके पास सात एयरपोर्ट की जिम्मेदारी हो जाएगी. अडानी ग्रुप ने जुलाई में ही मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का अधिग्रहण किया था.

adani group

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने अडानी समूह द्वारा एयरपोर्ट के अधिग्रहण की आलोचना करते हुए कहा था कि केंद्र सरकार ने इसे विकास के लिए नहीं बल्कि ग्रुप के हितों की रक्षा के लिए ऐसा किया है.

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