BRICS 2021 : ब्रिक्स सम्मेलन में उठा अफगानिस्तान का मुद्दा, पुतिन ने अफगान संकट के लिए अमेरिका को बताया जिम्मेदार

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 9 सितंबर से शुरू हो चुका है. इस बार इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं. कोरोना की वजह से यह लगातार दूसरी बार है जब यह सम्मेलन ऑनलाइन हो रहा है. इस मौके पर नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘इस साल ब्रिक्स में कई चीजें पहली बार हो रही हैं. हाल ही में पहले डिजिटल हेल्थ सम्मेलन का आयोजन हुआ जिसमें टेक्नोलॉजी की मदद से हेल्थ एक्सेस बढ़ाने के लिए यह एक इनोवेटिव कदम है.’ पीएम नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को लेकर कहा कि ब्रिक्स देशों ने ‘काउंटर टेरिरज्म एक्शन’ प्लान भी एडॉप्ट किया है.

ब्रिक्स सम्मेलन में अफगानिस्तान का मुद्दा भी उठा. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना और उसके सहयोगियों की वापसी से एक नया संकट पैदा हुआ है यही कारण है कि ब्रिक्स देशों को अफगानिस्तान की स्थिति पर विशेष ध्यान देना होगा.

ब्रिक्स सम्मेलन 2021 का विषय, ‘ब्रिक्स @15: निरंतरता, समेकन और आम सहमति की खातिर अंतर-ब्रिक्स सहयोग’ है.

इस बैठक में ब्राजील के राष्ट्रपति जाइर बोलसोनारो, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा शामिल हुए.

दूसरी बार ब्रिक्स सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे हैं पीएम मोदी

यह दूसरा मौका है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे हैं. इससे पहले साल 2016 में उन्होंने गोवा में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में इसकी अध्यक्षता की थी.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि भारत ने चार प्राथमिक क्षेत्रों का खाका तैयार किया है इनमें बहुपक्षीय प्रणाली सुधार, आंतकवाद को बढ़ने से रोकना, सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए डिजिटल और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना और लोगों के बीच मेल-मिलाप बढ़ाना शामिल है. इसके अलावा चारों देश के नेता कोविड-19 महामारी सहित अन्य वैश्विक मुद्दों पर बातचीत करेंगे.

ब्रिक्स सम्मेलन क्या है

ब्रिक्स का गठन साल 2009 में किया गया था. ब्रिक्स पांच देशों का एक समूह है. यह पांच देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रिका है. साल 2001 में ब्रिक्स का जिक्र इंग्लैंड के मशहूर अर्थशास्त्री जिम ओ नील ने अपने एक लेख में ‘द वर्ल्ड नीड्स बेटर इकोनॉमिक ब्रिक’ में किया था. जिम ओ नील ने अपने लेख में लिखा कि चार देश भारत, ब्राजील, रूस और चीन तेजी से विकास कर रहे हैं और आने वाले समय में इन देशों की संयुक्त अर्थव्यवस्थाएं दुनिया की सभी देशों की अर्थव्यवस्थाओं से बड़ी होने वाली हैं.

Source- Deepawali

शुरुआत में ब्रिक्स में केवल चार देश ब्राजील, रूस, भारत और चीन शामिल थे और इस ग्रुप को ब्रिक (BRIC) कहा जाता था. इस ग्रुप में साल 2010 में दक्षिण अफ्रीका शामिल हुआ तब इसका नाम बदलकर ब्रिक्स (BRICS) कर दिया गया. इस लिस्ट में शामिल होने के बाद से दक्षिण अफ्रीका अब तक 2 बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर चुका है.

पहला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

पहला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन साल 2009 में रूस में आयोजित हुआ था. इस सम्मेलन में चार देश शामिल हुए. भारत की तरफ से तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस सम्मेलन में शामिल हुए थे. वहीं ब्राजील का प्रतिनिधित्व तत्कालीन राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा, चीन का प्रतिनिधित्व तत्कालीन राष्ट्रपति हू जिंताओ और रूस का प्रतिनिधित्व तत्कालीन राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने किया था.

Afghanistan Update : तालिबान ने मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद को बनाया देश का प्रधानमंत्री, मंत्रियों की पूरी लिस्ट देखिये

Captain Vikram Batra : कारगिल युद्ध का वो जांबाज जिसने रच दिया इतिहास