पेट्रोल-डीजल को GST में शामिल करने के प्रस्ताव पर उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों ने जताई आपत्ति

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) की अगुवाई में GST काउंसिल की 45वीं बैठक हो रही है. इसमें 50 से ज्यादा वस्तुओं पर लगने वाले टैक्स की समीक्षा की जा रही है. GST काउंसिल की बैठक से पहले पेट्रोल-डीजल को GST में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया था लेकिन कई राज्यों ने इसका विरोध किया है. उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, झारखंड, छत्तीसगढ़ और केरल ने पेट्रोल-डीजल को GST से बाहर रखने को कहा है.

अगर पेट्रोल-डीजल GST के दायरे में आता है तो पेट्रोल 28 रुपये और डीजल 25 रुपये सस्ता हो जाएगा. दिल्ली में इस वक्त में पेट्रोल कीमत 101 रुपये और डीजल की कीमत 83 रुपये है. राज्यों को डर है कि अगर पेट्रोल-डीजल GST के दायरे में आ गए तो उनके राजस्व में कमी होगी. जीएसटी काउंसिल की बैठक में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी वित्त मंत्री से मिलने पहुंचे.

Source- Busniess Today

जीएसटी काउंसिल की बैठक में 7 राज्यों के उप मुख्यमंत्री हुए शामिल

जीएसटी काउंसिल की बैठक में अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, राज्यों के वित्त मंत्री और मंत्री शामिल हुए हैं. अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चौना मेन, बिहार के उप मुख्यमंत्री राज किशोर प्रसाद, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल, हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, मणिपुर के उपमुख्यमंत्री युमनाम जोएकुमार सिंह और त्रिपुरा के उपमुख्यमंत्री जिष्णु देव वर्मा शामिल हुए.

फूड डिलीवरी ऐप्स पर लग सकता है 5 प्रतिशत का जीएसटी

जीएसटी काउंसिल की बैठक में फूड डिलीवरी ऐप्स को जीएसटी के दायरे में लाने पर फैसला लिया जा सकता है. अगर ऐसा हुआ तो स्विगी, जमैटो और इटश्योर जैसे फूड डिलीवरी ऐप्स पर 5 प्रतिशत का जीएसटी लगेगा.

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