भारत खरीदेगा C-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, जानिए क्या है इसकी खूबी

केंद्र सरकार ने भारतीय वायु सेना के लिए C-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की खरीद के लिए मंजूरी दे दी है. यह एयरक्राफ्ट एवरो एयरक्राफ्ट की जगह लेंगे. 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की सिक्योरिटी कमेटी की बैठक में इस एयरक्राफ्ट को खरीदने की मंजूरी दी गई. भारत स्पेन से कुल 56 एयरक्राफ्ट खरीदेगा. इसकी खरीद पर 20 से 21 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे.

डील के तहत 48 महीने के अंदर 16 एयरक्राफ्ट रेडी-टू-फ्लाय कंडीशन में स्पेन, भारत को देगा. बाकी 40 का निर्माण भारत में टाटा ग्रुप अगले 10 सालों में करेगा.

C-295 Transport Aircraft
Source- The Print

एयरक्राफ्ट में क्या खास है

  • C-295 की लंबाई 24.45 मीटर, ऊंचाई 8.66 मीटर है वहीं विंगस्पान 25.82 मीटर की है. इसमें 2 क्रू मेंबरों की बैठने की सीट है.
  • यह एयरक्राफ्ट 320 मीटर की दूरी में ही टेक ऑफ कर सकता है. वहीं लैंडिग के लिए 670 मीटर दूरी की आवश्यकता होगी.
  • यह एयरक्राफ्ट अपने साथ 7,050 किलोग्राम का पेलोड ले जा सकता है. इसके अलावा अधिकतम 72 सैनिक या 5 कार्गो पैलेट को ले जाने में सक्षम है.
  • C-295 एयक्राफ्ट एक बार उड़ान भरने के बाद लगातार 11 घंटे हवा में रह सकता है.
  • इस एयरक्राफ्ट के पीछे रैम्प डोर है, जिससे सैनिकों या सामान को आसानी से ड्रॉप्ट किया जा सकता है.
  • एयरक्राफ्ट में 2 प्रैट एंड व्हिटनी PW127 टर्बोट्रूप इंजन लगे हुए हैं.

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एयरो एयरक्राफ्ट को रिप्लेस करेगा C-295

भारतीय वायुसेना में यह एवरो एयरक्राफ्ट की जगह लेंगे. भारत ने साल 1960 में 56 एवरो ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदे थे. साल 2013 में इन्हें बदलने के लिए कंपनियों को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल भेजा गया था. साल 2015 में रक्षा खरीद परिषद ने टाटा ग्रुप और एयरबस के C-295 एयरक्राफ्ट के टेंडर को अप्रूवल दिया.

माना जा रहा है कि C-295 को समुद्री रास्तों पर तैनात किया जा सकता है, जो इस सेक्टर में AN-32 को रिप्लेस करेंगे. भारत के पास 100 से ज्यादा AN-32 सर्विस में हैं. सेना इन्हें भी रिप्लेस करने की तैयारी कर रहा है.

C-295 Transport Aircraft
Source- Devdiscourse

पाकिस्तान और चीन के पास कितने हैं ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट-

पाकिस्तान के पास इस तरह के 6 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हैं वहीं चीन के पास 200 से भी ज्यादा ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हैं. इनमें आधुनिक तकनीक से लेस Y-20 भी शामिल है.

भारतीय वायुसेना के पास ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट-

  • C-130J : इस एयरक्राफ्ट को साल 2013 में वायुसेना में शामिल किया गया था.
  • C-17 : यह एयरक्राफ्ट 40 से 70 टन पेलोड के साथ 4 से 9 हजार किलोमीटर दूर तक की उड़ान भर सकती है.-
  • IL-76 : 4 इंजनों वाला यह एयक्राफ्ट 850 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़स सकती है.
  • AN-32 : यह एयरक्राफ्ट 6.7 टन का पेलोड क्षमता के साथ 530 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है.
  • बोइंग 737-200 : 60 लोगों की क्षमता वाला एयरक्राफ्ट वीआईपी पैसेंजर के लिए है.
  • डोर्नियन : 2057 किलोग्राम या 19 पैसेंजर्स को ले जाने वाला यह विमान 428 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है.
  • एम्ब्रेयर : इस एयरक्राफ्ट का प्रयोग वीआईपी और वीवीआईपी पैसेंजर्स को ले जाने के लिए किया जाता है.
  • एवरो : इस एयरक्राफ्ट की क्षमता 48 सैनिकों या 6 टन पेलोड की है. C-295 एयरक्राफ्ट इसे ही रिप्लेस करेगा.

जून-1997 में पहली बार हुआ था लॉन्च

इस एयरक्राफ्ट को पहली बार जून 1997 में पेरिस एयर शो में स्पेन की कंपनी CASA ने लॉन्च किया था. इसने अपनी पहली उड़ान साल 1998 में भरी थी. इसके अगले ही साल स्पेन की सरकारी एंजेसियों ने इसे मिलिट्री में इस्लेमाल करने की परमिशन दे दी. पलही बार नवंबर 2001 में स्पेन की वायुसेना ने इस एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया.

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