New Education Policy लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बना मध्य प्रदेश, जानिये क्या है नई शिक्षा नीति

मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) नई एजुकेशन पॉलीसी लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है. 26 अगस्त को प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल और मुख्मयंत्री शिवराज सिंह चौहान(Shivraj Singh Chauhan) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मिंटो हॉल में शुभारंभ किया. इस मौके पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर कोई पढ़ाई करने के बाद भी रोजी-रोटी नहीं कमा सके तो ऐसी शिक्षा का कोई महत्व नहीं है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर शिक्षा आजीविका देने में असमर्थ है तो ऐसी शिक्षा का अर्थ क्या है. उन्होंने आगे कहा कि राज्य में शोध ज्ञान फाउंडेशन की स्थापना होगी. प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी मिलकर काम करेगी, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिल सके.

इसके अलावा सीएम शिवराज सिंह चौहान ने राज्य के सभी यूनिवर्सिटी के कुलपतियों को नसीहत दिया कि वे सिर्फ यूनिवर्सिटी के ही कार्य न देखे, केवल कॉलेजों को मान्यता देने का काम न करें. बल्कि नई शिक्षा नीति पर काम करें. इसे मॉनिटर करें और लगातार कॉलेजों का मुआयना करें.

Shivraj Singh
Source- Patrika

शिक्षा मंत्री ने बताया स्वर्णिम काल-

मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संबंध में कहा कि यह मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा का स्वर्णिम काल है. शिक्षा रोजगार और संस्कार से जुड़ा हुआ है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों को आगे पढ़ाई करने की सहूलियत मिलेगी. इसके अलावा पढ़ाई के दौरान रिसर्च की सुविधा भी मिलेगी. कॉलेजों में शिक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन साल 2035 तक 50 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया है.

क्या है नई शिक्षा नीति-

नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा पांचवी तक मातृभाषा या स्थानीय भाषा में पढ़ाई होगी. साल 2030 तक स्कूली शिक्षा में 100 प्रतिशत GER (Gross Enrolment Ratio) के साथ माध्यमिक स्तर तक एजुकेशन ऑर ऑल का लक्ष्य रखा गया है.

स्कूल से दूर रह रहे तकरीबन दो करोड़ बच्चों को मुख्य धारा के साथ जोड़ा जाएगा. स्कूल का पाठ्यक्रम 10+2 की जगह 5+3+3+4 लागू होगा. जो क्रमशः 3-8, 8-11, 11-14 और 14-18 साल के बच्चों के लिए है. वर्तमान में तीन या चार साल के डिग्री कोर्स के दौरान अगर कोई छात्र बीच में पढ़ाई छोड़ देता है तो उसे डिग्री न मिलने के कारण उसका साल बेकार चला जाता है लेकिन नई शिक्षा नीति के आने के बाद निम्न परिवर्तन होंगे-

  • एक साल पढ़ाई करने पर सर्टिफिकेट दिया जाएगा.
  • दो साल पढ़ाई करने पर डिप्लोमा दिया जाएगा.
  • तीन या चार साल की पढ़ाई करने पर डिग्री दी जाएगी.

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