Afghanitan Update : मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद कौन हैं, जिनके हाथों में है अफगान सरकार

अफगानिस्तान (Afghansitan) पर कब्जा करने के बाद आखिरकार तालिबान (Taliban) नेे अपने अंतरिम सरकार की घोषणा कर दी है. अब अफगानिस्तान के नए प्रधानमंत्री मोहम्मद हसन अखुंद (Mullah Mohammad Hassan Akhund) होंगे वहीं मुल्ला अब्दुल गनी बरादर (Abdul Ghani Baradar) और मुल्ला अब्दुल सलाह हनफी को उपप्रधानमंत्री बनाया गया है. गौरतलब है कि मुल्ला अब्दुल गनी बरादर तालिबान के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं. वहीं सिराजुद्दीन हक्कानी को गृहमंत्री, मोहम्मद याकूब को रक्षामंत्री, मौलवी आमिर खान मुताक्की को विदेश मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है.

मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद कौन हैं

मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद का जन्म कंधार में हुआ था. वह पाकिस्तान के क्वेटा स्थित रहबरी शूरा (लीडरशिप काउंसिल) के प्रमुख हैं. रहबरी शूरा को तालिबान की निर्णय लेने वाली सबसे शक्तिशाली संस्था मानी जाती है. उन्होंने पाकिस्तान के कई मदरसों में पढ़ाई की है. संयुक्त राष्ट्र ने मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद को आतंकी सूची में शामिल किया है. वह तकरीबन 20 साल से तालिबान के प्रमुख शेख हैबतुल्ला अखुंजादा के करीबी रहे हैं. साल 2001में हसन अखुंद ने बामियान में बुद्ध की मूर्तिया तुड़वाई थी जिसके बाद दुनिया भर ने इस घटना की आलोचना की.

पहले भी उच्च पद पर रह चुके हैं मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद

पिछली तालिबान सरकार में मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद विदेशी मंत्री और बाद में उप प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी. इसके अलावा यह कंधार के गवर्नर और मंत्री परिषद के उप-प्रधान भी रहे. साल 2001 में हसन अखुंद को रक्षा, इंटेलिजेंस, गृह, संस्कृति, संचार मंत्रालय और सुप्रीम कोर्ट की ज़िम्मेदारी दी गई.

अमेरिका की National Security Archive के डेटाबेस के अनुसार हसन अखुंद को पश्चिमी देश पंसद नहीं करते हैं.

हक्कानी नेटवर्क ने हसन अखुंद के नाम पर लगाई मुहर

खबरों के मुताबिक तालिबान को सरकार चुनने में इसलिए देर हुई क्योंकि हक्कानी नेटवर्क के डिप्टी लीडर सिराजुद्दीन हक्कानी और उनके छोटे भाई अनस हक्कानी, हैबतुल्लाह अखुंदज़ादा को प्रधानमंत्री बनाने के लिए सहमत नहीं थे. इस मामले में हक्कानी नेटवर्क को पाकिस्तान का समर्थन मिला और अंत में मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद के नाम पर सहमति बनी.

Taliban
Source- CNBC

भारत के लिए चिंता का विषय-

जाने-माने सामरिक विशेषज्ञ ब्रह्म चेलानी ने ट्वीट किया कि यूएन ने जिसे आंतकी सूची में शामिल किया है, जिसने बुद्ध की प्रतिमा तुड़वाई वो अब अफगानिस्तान का नया प्रधानमंत्री होगा. जिस सिराजुद्दीन हक़्क़ानी को गृह मंत्री बनाया गया है उसका संबंध हक़्क़ानी नेटवर्क से है और हम कह रहे हैं कि तालिबान पहले की तरह नहीं रहा है.

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की नई सरकार में पाकिस्तानी सेना का सपोर्ट दिख रहा है. नई सरकार ने अंतरराष्ट्रीय वार्ता को दरकिनार कर दिया है. तालिबान सरकार में 33 में से 20 कंधार केंद्रित तालिबान समूह और हक्कानी नेटवर्क के सदस्य हैं.

एक रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान सरकार में कम से कम छः ऐसे मंत्री हैं जिन्होंने पाकिस्तान के जामिया हक्कानिया सेमीनरी से पढ़ाई की है.

भारत के लिए सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि सिराजुद्दीन हक्कानी को अफगानिस्तान का गृहमंत्री बनाया गया है. हक्कानी ISI का पंसदीदा बताया जाता है. वह हक्कानी नेटवर्क का प्रमुख भी है. साल 2008 में काबुल स्थित भारतीय दूतावास हमले के लिए इसे ही जिम्मेदार माना जाता है.

Afghanistan Update : तालिबान ने मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद को बनाया देश का प्रधानमंत्री, मंत्रियों की पूरी लिस्ट देखिये