PUDUCHERRY ASSEMBLY ELECTION 2021 : केवल 4 सरकारें ही अब तक पूरा कर पाईं अपना कार्यकाल

केंद्रशासित पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. राज्य में 6 अप्रैल को चुनाव होगा और परिणाम 2 मई को घोषित किए जाएंगे. पुडुचेरी विधानसभा में कुल 33 सीटें हैं जिसमें से 30 पर चुनाव होता है और 3 सीटों पर मनोनयन होता है. वहीं राज्य में लोकसभा की केवल 1 सीट है. विधानसभा चुनाव से पहले वी. नारायणसामी की नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के गिर जाने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है. वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के निर्देश के बाद राज्य की उप- राज्यपाल किरण बेदी को उनके पद से हटा दिया गया. जिसके बाद तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन को उप- राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया.

Source- ThePrint

पुडुचेरी में कुल 4 जिले हैं. कराईकल, पुडुचेरी, यानम और माहे. साल 2011 की जनगणना के अनुसार पुडुचेरी की जनसंख्या 13.9 लाख है. राज्य में तमिल, तेलुगू, अंग्रेजी और मलयालम बोली जाती है.

पुडुचेरी विधानसभा से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें-

  • नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख- 19 मार्च
  • दाखिल नामांकन की जांच की तारीख- 20 मार्च
  • नामांकन वापस लेने की तारीख- 22 मार्च
  • राज्य में मतदान- 6 अप्रैल
  • मतगणना- 2 मई

साल 2016 पुडुचेरी विधानसभा के नतीजे-

पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और डिएमके ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. जिसमें कांग्रेस ने अपने 21 सीटों में से 15 सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं डीएमके को 9 में से 2 सीटों पर कामयाबी मिली थी और एक सीट निर्दलीय के खाते में गई थी. राज्य में बीजेपी ने अकेले चुनाव लड़ा था लेकिन बीजेपी अपना खाता भी नहीं खोल सकी. पार्टी ने सभी सीटों से उम्मीदावार मैदान में उतारे थे. एआईएडीएमके ने भी राज्य विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने का फैसला लिया. उसने सभी सीटों से अपने उम्मीदाव उतारे. एआईडीएमके को 30 में 4 सीटों पर जीत मिली.

Source- The Financial Express

फरवरी 2021 में 6 विधायकों के इस्तीफे के बाद राज्य की कांग्रेस सरकार गिर गई. इस्तीफे के बाद कांग्रेस गठबंधन के पास केवल 11 विधायक बचें. जिसमें से कांग्रेस के 9, डीएमके के 2 और 1 निर्दलीय विधायक शामिल हैं. वहीं बीजेपी के पास 3 मनोनित विधायक हैं.

Source – ThePrint

केवल 4 सरकारें ही अब तक पूरा कर पाईं अपना कार्यकाल –

पुडुचेरी के 50 साल के इतिहास में विधायकों के इस्तीफे या दल-बदल के कारण सरकार का गिर जाना कोई नई बात नहीं है. इससे पहले भी पांच सरकारें अपना कार्यकाल पूरा किए बिना गिर चुकी हैं. सरकारों के गिरने का मुख्य कारण विधायकों का दल-बदल रहा है. पुडुचेरी में अब तक केवल 4 सरकारें ही अपना कार्यकाल पूरा कर पाई हैं.