उत्तराखंड के स्कूटर बाइक के नंबर पर चल रही हैं यूपी की रोडवेज बसें

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से उत्तराखंड (Uttarakhand) जाने वाली रोडवेज बसों में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की रोडवेज बसें उत्तराखंड में फर्जी रजिस्टेशन नंबर पर दौड़ रही हैं. उत्तराखंड (Uttarakhand) के दून जिले में उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की 336 बसों का रिकॉर्ड मिला है जो प्राइवेट बसें, स्कूटर, बाइक और आटो के नंबर पर चल रही हैं. इन बसों का डेटा देहरादून आईएसबीटी (Dehradun ISBT) प्रबंधन ने आरटीओ (ITO) कार्यालय को भेजा गया है. आरटीओ (ITO) दिनेश चंद्र पठोई के अनुसार मामले की जांच करने के लिए कमेटी बनाई गई है.

एक नंबर पर तीन बसें

उत्तर प्रदेश की कुछ ऐसी भी बसें हैं जो एक ही नंबर से तीन अलग-अलग डीपो में पंजीकृत हैं. आरटीओ दिनेश चंद्र पठोई के अनुसार दून, हरिद्वार और ऋषिकेश बस अड्डे से रिकॉर्ड मिला है कि यूपी की कई बसें ऐसी हैं जिनका ही रजिस्टेशन नंबर है.

Bus
Source- NBT

उत्तर प्रदेश केवल 37 बसों का दे रहा है टैक्स

उत्तराखंड के परिवहन विभाग के मुताबिक देहरादून, ऋशिकेश और हरिद्वार जाने वाली उत्तर प्रदेश की बसों पर 79 लाख रुपये का मासिक टैक्स बाकी है जबकि उत्तर प्रदेश ने केवल 14 लाख रुपये का भुगतान किया है.

दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक उत्तराखंड में उत्तर प्रदेश की करीब 1,250 बसें दौड़ रही हैं. जबकि टैक्स केवल 37 बसों का दिया जा रहा है. उत्तर प्रदेश रोडवेज पर सालाना 40 करोड़ रुपये का टैक्स आता है लेकिन बसों के संचालन का रिकॉर्ड न होने के कारण उत्तराखंड को केवल सालाना 5 करोड़ रुपये टैक्स मिल रहा है. दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड की बसों के टैक्स में कटौती नहीं कर रहा है और सालाना उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों पर 30 करोड़ रुपये का टैक्स वसूल रहा है.

9/11 आंतकी हमला जिसने दुनिया को हिला दिया, कैसे हुआ था वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर हमला