तालिबान का सर्वोच्च नेता शेख हैबतुल्लाह अखुंदज़ादा कौन है

अफगानिस्तान (Afghanistan) पर तेजी से नियंत्रण करने के बाद तालिबान (Taliban) नई सरकार बनाने के लिए तैयार है. जिसे उग्रवादी समूह के शीर्ष आध्यात्मिक नेता शेख हैबतुल्ला अखुंदजादा (Sheikh Haibatullah Akhundzada) द्वारा संचालित किया जा सकता है.

नई सरकार की घोषणा कब होगी इसे लेकर अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आयी है. लेकिन यह बात तय है कि देश के बाकी उग्रवादी नेताओं ने हैबतुल्ला अखुंदजादा (Sheikh Haibatullah Akhundzada ) के लिए अपना नाम पीछे कर लिया है. हालांकि तालिबान (Taliban) शासन के लिए नई चुनौती मानवाधिकार संकट के अलावा, आर्थिक समस्या भी उभर कर सामने आएगी, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र (UN) सहित कई देशों के प्रमुख कर्जदाताओं ने अफगानिस्तान (Afghanistan) ) को दी जाने वाली आर्थिक सहायता पर रोक लगा दी है.

कंधार में हुई बैठक

पिछले कुछ हफ्तों के इंटरव्यू में तालिबान (Taliban) के अधिकारियों ने संकेत दिया था कि शेख हैबतुल्ला नई इस्लामी सरकार के सर्वोच्च अधिकारी होंगे. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, हैबतुल्ला इस सप्ताह कंधार में अन्य अफगान नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं. ब्लूमबर्ग के अनुसार, समूह के सांस्कृतिक आयोग के सदस्य बिलाल करीमी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह किसी भी परिषद के शीर्ष नेता होंगे.

Sheikh Haibatullah Akhundzada
Source- News Nation

शेख हैबतुल्लाह अखुंदज़ादा कौन है

साल 2016 में अख्तर मंसूर के अफगान-पाकिस्तान सीमा पर अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे जाने के बाद शेख हैबतुल्ला ने तालिबान के सर्वोच्च नेता के रूप में पदभार संभाला था. हैबतुल्ला का जन्म कंधार से सटे पंजवेई जिले में हुआ था. उसने अपनी पढ़ाई पंजवेई के मदरसों से पूरी की. सोवियत संघ के हमले के बाद हैबतुल्ला परिवार सहित पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत चला गया.

इस्लामिस्ट रेजिटेंस में शामिल हुआ

बाद में 1980 के दशक में शेख हैबतुल्ला ने सोवियत संघ से लड़ने के लिए ‘Islamist resistance’ में शामिल हो गया. उसने पाकिस्तान के एक मदरसे में अपनी पढ़ाई जारी रखी और तालिबान के संस्थापक मुल्ला मोहम्मद उमर का धार्मिक सलाहकार बन गया.

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1990 के दशक में तालिबान की स्थापना के समय से ही हैबतुल्ला इसके साथ जुड़ा हुआ है. उसे सैन्य कंमाडर की तुलना में एक धार्मिक नेता के रूप में अधिक जाना जाता है. लेकिन जब तालिबान ने अफगानिस्तान के फराह प्रांत पर कब्जा कर लिया तो उसे क्षेत्र में कानून व्यवस्था की निगरानी के लिए नियुक्त कर दिया गया. बाद में उसे कंधार में तालिबान की सैन्य अदालत के लिए नियुक्त किया गया और अंत में नंगरहार प्रांत भेज दिया गया.

Sheikh Haibatullah Akhundzada
Source- The Guradian

हैबतुल्ला तालिबान अदालतों में एक स्थायी सदस्य के साथ कई आंतकवादी समूहों के फतवे के साथ जुड़ा हुआ है, जिसमें कठोर इस्लामी दंड देने का प्रावधान है, जैसे- दोषी को सरेआम फांसी देना, चोरी के लिए हाथ-पैर काट देना.

तालिबान की नई सरकार

कतर में तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के उप प्रमुख शेर अब्बास श्रीनिकजई ने कहा कि अगले दो दिनों के भीतर नई सरकार की घोषणा की जा सकती है. एक बार नई सरकार की घोषणा के बाद, दुनियाभर के देशों को यह तय करना है कि वे तालिबान शासन को मान्यता देते हैं या नहीं.

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, शेख हैबतुल्लाह के सर्वोच्च नेता को रूप में काम करने की उम्मीद है. जिसकी धार्मिक भूमिका ईरान के सर्वोच्च नेता के समान है. तालिबान के सांस्कृतिक आयोग के एक सदस्य ने अफगानिस्तान के टोलो न्यूज के इंटरव्यू में बताया,

‘नई सरकार के गठन को अंतिम रूप दे दिया गया है और कैबिनेट के बारे में भी चर्चा हुई है. जिस इस्लामी सरकार की घोषणा की जाएगी, वह लोगों के लिए एक आदर्श होगी. सरकार में वफादार (अखुनजादा) के कमांडर की उपस्थिति में कोई संदेह नहीं है कि वह सरकार के नेता होंगे.’

सांस्कृतिक आयोग के सदस्य, तालिबान

सरकार में महिलाओं को शामिल करेगा तालिबान

तालिबान ने उदारवादी रवैया दिखाते हुए कहा था कि वे एक अधिनायकवादी सरकार की स्थापना नहीं करेंगे. नई सरकार विभिन्न जातीय समुदायों के प्रतिनिधि और महिला नेताओं को शामिल करेगी.

एक तरफ तालिबान के सह-संस्थापक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर के सरकार के प्रमुख के रूप में दिन-प्रतिदिन के मामलों के प्रभारी बनने की उम्मीद है तो वहीं नई सरकार में तालिबान के शीर्ष नेताओं को प्रमुख पद मिलने की उम्मीद है. इनमें तालिबान के डिप्टी सिराजुद्दीन हक्कानी और मुल्ला उमर के बेटे मावलवी मुहम्मद याकूब शामिल है.

उदारवादी रवैया पेश करते हुए तालिबान ने पहले ही कहा था कि वे एक अधिनायकवादी सरकार की स्थापना नहीं करेंगे. नई सरकार विभिन्न जातीय समुदायों की प्रतिनिधियों को शामिल करेगी इसके अलावा इस बार महिला नेताओं को भी शामिल किया जाएगा.

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