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मात्र एक दिन के लिए क्यों और किससे होती है किन्नरों की शादी ?

क्या है किन्नरों की दुवाओं से जुड़ा रहस्य?

आजकल किन्नरों का मुद्दा ऐसा मुद्दा बन चुका है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है. हम किन्नरों की शक्ल या उनके व्यवहार से ही समझ जाते हैं कि वो किन्नर हैं. कई बार ट्रेन में जो तालियां बजाते हुए दिखते हैं वो होते हैं किन्नर. किन्नर, हिज़ड़ा इन सबको समाज में आज भी बहुत ही तीखी नज़रों से देखा जाता है. हालांकि अब किन्नरों को लेकर समाज में लोगों की सोच काफी बदल गयी है.

किन्नर लोग जब पैसे मांगते हैं हर कोई इनसे दूर भागने के बारे में सोचता है या फिर तुरंत इनको पैसे दे देता है. ये सोचते हुए कि इनकी बद्दुआ एकदम लग जाती है. इनकी बद्दुआ नहीं लेनी चाहिए. पर किसी को आजतक ये नहीं पता आखिर इनकी बद्दुआ लेने से क्या हो जाएगा ?किंनर आते कहां से हैं? इनकी शव यात्रा भी बहुत ही गुप्त होती है. आज हम आपको बताएंगे किन्नरों से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जो आप हमेशा से जानना चाहते थे.

1. किन्नरों के पैदा होने पर ज्योतिष शास्त्र का मानना है कि चंद्रमा, मंगल, सूर्य और लग्न से गर्भधारण होता है. जिसमें वीर्य की अधिकता होने के कारण लड़का और रक्त की अधिकता होने के कारण लड़की का जन्म होता है. लेकिन जब गर्भधारण के दौरान रक्त और विर्य दोनों की मात्रा एक समान होती है तो बच्चा हिजड़ा पैदा होता है.

2. किन्नर की दुआएं किसी भी व्यक्ति के बुरे समय को दूर कर सकती हैं. धन लाभ चाहते है तो किसी किन्नर से एक सिक्का लेकर पर्स में रखे.

3. किन्नरों की दुनिया का एक खौफनाक सच ये भी है कि यह समाज ऐसे लड़कों की तलाश में रहता है जो खूबसूरत हो, जिसकी चाल-ढाल थोड़ी कोमल हो और जो ऊंचा उठने के ख्वाब देखता हो. ये समुदाय उससे नजदीकी बढ़ाता है और फिर समय आते ही उसे बधिया कर दिया जाता है. बधिया, यानी उसके शरीर के हिस्से के उस अंग को काट देना, जिसके बाद वह कभी लड़का नहीं रहता.

4. कुंडली में बुध, शनि, शुक्र और केतु के अशुभ योगों से व्यक्ति किन्नर या नपुंसक हो सकता है.

5. किन्नर समुदाय में गुरू शिष्य जैसे प्राचीन परम्परा आज भी यथावत बनी हुई है. किन्नर समुदाय के सदस्य स्वयं को मंगल मुखी कहते है क्योंकि ये सिर्फ मांगलिक कार्यो में ही हिस्सा लेते हैं मातम में नहीं. इसीलिए ये लोग शादी जैसे कार्यक्रम में ज्यादा हिस्सा लेते हैं.

6. किन्नरों की शादी भी होती है लेकिन ये शादी सिर्फ एक दिन के लिए की जाती है. किन्नरों की शादी आराध्य देव अरावन से साल में एक बार की जाती है.

कौन है अरावन

महाभारत के अनुसार द्रौपदी और अर्जुन के बेटे का नाम अरावन है. एक बार पांडवो को अपनी जीत के लिए मां काली के चरणो में स्वेच्छिक नर बलि हेतु एक राजकुमार की जरुरत पड़ती है. जब कोई भी राजकुमार आगे नहीं आता है तो अरावन खुद को स्वेच्छिक नर बलि हेतु प्रस्तुत करता है. लेकिन वो शर्त रखता है की वो अविवाहित नहीं मरेगा क्यूंकि कोई भी नहीं चाहता था कि अरावन से शादी करके किसी की बेटी एक दिन में ही विधवा हो जाये.

ऐसे में श्री कृष्ण स्वंय को मोहिनी रूप में बदलकर अरावन से शादी करते हैं. उसके तुरंत बाद ही अरावन अपना शीश मां काली के चरणों में अर्पित कर देते हैं. भगवान कृष्ण जिसने पुरुष रूप में स्त्री का रूप धारण किया था. यही वजह है कि किन्नर जो कि स्त्री रूप में पुरुष माने जाते हैं एक रात की शादी रचाते हैं.

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