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स्वाइन फ्लू क्या है, स्वाइन फ्लू के लक्षण क्या है और स्वाइन फ्लू का उपचार क्या है

स्वाइन फ्लू एक घातक वायरस है जो सुअरों से फैलता है. यह बीमारी जुकाम से जुड़े एक वायरस से पैदा होती है. ये वायरस मोटे तौर पर चार तरह के होते हैं. H1N1, H1N2, H3N2 और H3N1। इनमें H1N1 सबसे खतरनाक है और दुनिया भर में यही वायरस सबको अपनी चपेट में ले रहा है.

स्वाइन फ्लू का पहला मामला

सबसे पहले इस बीमारी के लक्षण मैक्सिको के वेराक्रूज इलाके के एक पिग फॉर्म के आसपास रह रहे लोगों में पाए गए थे. स्वाइन फ्लू दरअसल सुअरों के बुखार को कहते हैं. यह उनकी सांस से जुड़ी बीमारी है.

स्वाइन फ्लू के प्रकार

स्वाइन फ्लू चार प्रकार का होता है.  H1N1, H1N2, H3N2 और H3N1 स्वाइन फ्लू. स्‍वाइन फ्लू सुअरों के पास रहने वाले व्‍यक्तियों को होने का खतरा ज्‍यादा होता है. अधिकतर मामलों में स्‍वाइन फ्लू सात दिनों के भीतर अपने आप ही ठीक हो जाता है. बीमार व्‍यक्ति से यह बीमारी दूसरे व्‍यक्ति को भी फैल सकती है.

स्वाइन फ्लू के लक्षण

इसके लक्षण आम इनसानी फ्लू से मिलते जुलते ही हैं. बुखार, सिर दर्द, सुस्ती, भूख न लगना और खांसी. कुछ लोगों को इससे उल्टी और दस्त भी हो सकते हैं. गंभीर मामलों में इसके चलते शरीर के कई अंग काम करना बंद कर सकते हैं, जिसके चलते इंसान की मौत भी हो सकती है. स्वाइन फ्लू के वायरस का ही एक प्रकार ‘एच-1-एन-1‘ इंसानों में स्वाइन फ्लू का कारण बन सकता है.

स्वाइन फ्लू में बुखार

इसमें मांसपेशियों में दर्द के साथ बुखार (38°C से अधिक), गले में खराश के साथ दर्द और सूखी खांसी हो सकती है. आमतौर पर यह संक्रमण कोई खास उपचार के बिना एक हफ्ते के भीतर ठीक हो जाता है.

वायरस का संक्रमण की बिल्कुल सही अवधि अब तक सही मालूम नहीं हो पाई है. यह अवधि दो से पांच दिनों या फिर सात दिनों की हो सकती है. स्वाइन फ्लू से पीडित मरीज में जैसे ही लक्षण बढ़ते हैं, उसी समय से वह सबसे अधिक संक्रमण फैला सकता है.

ये वायरस कफ या छींक के जरिए करीब 5 दिनों तक (बच्चों में 7 दिन तक) तक संक्रमण फैलाते रहते हैं. जैसे ही लक्षण घटने लगते हैं, उसी समय से संक्रमण का खतरा भी कम होता जाता है और लक्षण समाप्‍त होने के बाद व्‍यक्ति दूसरों को संक्रमित नहीं कर सकता.

स्वाइन फ्लू से होने वाली बीमारी

  • दीर्घकालिक फेफडों या श्वाश प्रश्वाश सम्बन्धी बीमारी
  • दीर्घकालिक दिल की बीमारी (जन्मजात या जन्म के बाद)
  • दीर्घकालिक गुर्दे की की बीमारी (जैसे कि गुर्दा खराब होना)
  • दीर्घकालिक लीवर की बीमारी (सिरोसिस, हेपाटेटिस)
  • दीर्घकालिक दिमाग की बीमारी (जैसे कि पार्किंसन)
  • ईम्यूनोलस्प्रेशन (या तो किसी एक बीमारी के कारण, दवा के कारण, या फिर कोई उपचार के कारण)
  • मधुमेह की बीमारी (टाईप 1 या 2)

स्वाइन फ्लू के मुख्य लक्षण

  • बुखार या बढ़ा हुआ तापमान (38°C/100.4°F से अधिक)
  • अत्यधिक थकान
  • सिरदर्द
  • ठण्ड लगना या नाक निरंतर बहना
  • गले में खराश
  • कफ
  • सांस लेने में तकलीफ
  • भूख कम लगना
  • मांसपेशियों में बेहद दर्द
  • पेट खराब होना, जैसे कि उल्टी या दस्त होना

कब करें डॉक्‍टर से संपर्क

यदि आपको कोई गंभीर बीमारी है, (जैसे कैंसर, किडनी की गंभीर बीमारी) जो कि आपके प्रतिरक्षा तंत्र को कमज़ोर बनाती हो.

स्वाइन फ्लू

यदि आप गर्भवती हैं,

  • यदि आपका बीमार बच्चा एक साल से कम उम्र का हो,
  • यदि आपकी बीमारी अचानक पहले से अधिक गंभीर होने लगी हो,
  • यदि आपके लक्षण साफ-साफ दिखाई दे रहे हों। या 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की हालत में पांच या सात दिनों के बाद भी कोई सुधार नहीं हो रहा हो.

बच्‍चों में स्वाइन फ्लू के लक्षण

  • बहुत जल्दी जल्दी सांस लेना या सांस लेने में तकलीफ
  • त्वचा का नीला रंग होना
  • पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ का इस्तेमाल न करना ,
  • आलसपन
  • बहुत चिडचिडापन या गोद में पकड़ने पर भी रोना बंद न करें,
  • फ्लू के जैसे लक्षणों का सुधार के बाद भी फिर से दिखना और बुखार और कफ का और भी बिगडना,
  • खुजली के साथ बुखार

वयस्कों में स्वाइन फ्लू के लक्षण

  • बहुत जल्दी जल्दी सांस लेना या सांस लेने में तकलीफ
  • छाती या पेट में दर्द या भारीपन
  • चक्कर आना
  • कुछ न सूझना
  • लगातार या बेहद उल्टी आना
  • फ्लू के जैसे लक्षणों का सुधार के बाद भी फिर से दिखना और बुखार और कफ का और भी बिगडना.

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