सभी स्मार्टफोन के लिए एक हो चार्जर, यूरोपीय संघ का प्रस्ताव

यूरोपीय यूनियन ने मोबाइल चार्जर को लेकर एक प्रस्ताव पेश किया है. जिसके मुताबिक सभी स्मार्टफोन को चार्ज करने के लिए एक ही चार्जर (टाइप-C) का इस्तेमाल होगा. यूरोपीय यूनियन की कार्यकारी शाखा ने USB टाइप-C चार्जिंग पिन की आवश्यकता का प्रस्ताव दिया है. अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई तो लोगों को टाइप-A, टाइप-B, टाइप-C और एप्पल जैसे चार्जरों से छुटकारा मिल जाएगा. सभी ब्रांड्स के स्मार्टफोन एक ही चार्जर से चार्ज हो सकेंगे.

एप्पल ने जताई नाराजगी

यूरोपीय यूनियन के इस फैसले से एप्पल कंपनी खुश नहीं है. यूरोपीय कमीशन का मानना है कि अगर सभी स्मार्टफोन एक चार्जर से चार्ज होंगे तो इलेक्ट्रिसिटी पर कम दबाव पड़ेगा. वहीं एप्पल का कहना है कि अगर ऐसा होता है तो टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में इनोवेशन रुक जाएगा और प्रदूषण बढ़ेगा. अगर यूरोपीय यूनियन टाइप-C वाले चार्जर को मंजूरी दे देता है तो इसका प्रभाव वैश्विक रूप से स्मार्टफोन के मार्केट पर पड़ेगा. यूनिवर्सल चार्जर के फैसले से यूरोप को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लोगों को परेशानी होगी.

Source- NBT

यूरोपीय यूनियन के मुताबिक, यूरोप में रहने वाले ज्यादात्तर लोगों के पास कम से कम तीन चार्जर है. जिसमें से वह केवल दो चार्जर का ही प्रयोग कर पाते हैं. साल 2020 में यूरोपीय देशों में करीब 40 करोड़ मोबाइल चार्जर बेचे गए थे.

एप्पल के स्मार्टफोन में लाइटनिंग टाइप चार्जर का इस्तेमाल होता है. एप्पल स्मार्टफोन के यूजर्स को मौजूदा समय में अलग से लाइटनिंग टाइप चार्जर खरीदना पड़ता है. वहीं ज्यादात्तर एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स का चार्जर टाइप-C है.

क्या भारत में भी लागू होगा यह नियम

यूरोपीय यूनियन में कुल 27 देश आते हैं. भारत इसका हिस्सा नहीं है. ऐसे में यह नियम केवल यूरोपीय देशों के लिए ही लागू होगा. हालांकि एप्पल, इंफिनिक्स और नोकिया जैसी कंपनियां, यूरोपीय देशों के लिए एक जैसा चार्जर बनाने लगीं तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा.

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