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इस तरह होने वाले बच्चे को भी हो सकती है डायबिटीज

प्रेगनेंसी के समय होने वाली माँ का ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है. क्योंकि उसके खान-पान का सीधा असर उसके पेट में पल रहे बच्चे पर पड़ता है. अगर मां सही समय में संतुलित खाना खाती है तो बच्चे का स्वास्थ भी अच्छा रहता हैं. लेकिन प्रेगनेंसी के समय महिला उच्च ग्लूटन युक्त डाइट लेती है तो इससे बच्चे में डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है

शोध में कहा गया है कि अगर गर्भवती महिला एक दिन में 20 ग्राम या उससे ज्यादा ग्लूटन का सेवन करती हैं तो इससे उनके होने वाले शिशु में टाइप-1 डायबिटीज का खतरा उन महिलाओं के होने वाले शिशु से अधिक होता है जो दिनभर में 7 ग्राम से कम ग्लूटन का सेवन करती हैं.

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ग्लूटन प्रोटीन का ही दूसरा नाम है जो कि राई, गेंहू, बार्ली आदि अनाजों में पाया जाता है. इससे पहले जानवरों में की गए स्टडी में पाया गया था कि गर्भावस्था के दौरान ग्लूटन फ्री डाइट लेने से टाइप-1 डायबिटीज से बचाव किया जा सकता है.

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आपको बता दें कि टाइप-1 डायबिटीड एक ऑटोइम्यून डिजीज है जिसके दौरान शरीर इंसुलिन का उत्पादन करना बंद कर देता है. अगर इसका इलाज ना किया जाए तो यह हार्ट और आई डैमेज का कारण बन सकती है.

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