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The Spy Series: “Black Tiger” रॉ, पाकिस्तान, जासूसी, रवींद्र कौशिक और नबी अहमद शाकिर (Part -1)

भारत का वो जासूस जिसे भारतीय सरकार ने भुला दिया.

साल था 1952 ये वो वक्त था जब भारत का एक नया जन्म हुआ था और जन्म हुआ था. भारत के इतिहास के सबसे बड़े Spy Black Tiger का… Ravindra Kaushik का जन्म राजस्थान के श्रीगंगानगर में 11 अप्रैल 1952 को हुआ था. कौशिक पढाई में एक औसत से ऊपर के छात्र थे पर उनका मन थिएटर में काफी लगता था कहा जाता है की अपनी ग्रेजुएशन की पढाई के दौरान ही उन्होंने कई नाटकों में अपने अभिनय से वाहवाही बटोरी.

Spy Black Tiger
Spy Black Tiger

अपने ग्रेजुएशन के दौरान ही जब कौशिक लखनऊ में एक नाटक में अभिनय कर रहे थे तभी रॉ के कुछ एजेंट्स की नज़र उनपर पड़ी जिसके बाद रॉ ने उनसे संपर्क किया और एक जॉब ऑफर की जिसके लिए उन्हें दिल्ली आने को कहा गया तब तक कौशिक को नहीं पता था की काम क्या है और ये लोग किस विभाग से हैं.

जब कौशिक दिल्ली से वापस घर आये तो उन्होंने बताय की उनकी जॉब दुबई में लगी है और उनको फ़ौरन ज्वाइन भी करना है और फिर वे दुबई चले गए. ये बात 1973 के आस पास की थी उसके बाद कौशिक परिवार को बीच बीच में पत्रों के ज़रिये अपने कुशल मंगल की सूचना देते रहे और इन वर्षों में शायद 4 या 5 बार भारत आये.

जब वे 1981 में अपने छोटे भाई की शादी के लिए घर आये तो उन्होंने बताया की उन्होंने वहीं दुबई में ही शादी कर ली है, और वे जल्द ही पिता बनने वाले हैं ये बात उनके पिता के साथ साथ भाई को भी काफी अखरी की भाई ऐसा कैसे कर सकते हैं पर किसी ने कुछ नहीं कहा. उसके बाद उनके छोटे भाई बताते हैं की रविंद्र की कोई खबर नहीं आयी और तो और किसी तरह का कोई पत्र व्यवहार भी नहीं किया.

साल था 1987 जब पकिस्तान से आये एक खत ने कौशिक परिवार के पाँव के नीचे से ज़मीन खिसका दी.  ये खत रवींद्र कौशिक का था जिसमे उन्होंने लिखा था की वो पकिस्तान की जेल में बंद हैं और रॉ के अंडरकवर एजेंट हैं.

उन्होंने परिवार को दिल्ली में होम सेक्रेटरी से भी संपर्क करके मदद माँगने को कहा और फिर कई और खतों में उन्होंने अपनी जो कहानी बयां की वो कुछ यूँ थी. पर कहानी पर जाने से पहले ये जान लें की की कौशिक का एक एक दिन वहां जेल में किसी गर्त से काम नहीं था उन्होंने बताया की वे बहुत मुश्किल से ये खत भेज रहे हैं.

जब कौशिक दिल्ली पहुंचे तो उन्हें रॉ के बारे में बताया गया और उन्हें ये हिदायत दी गई की अगर वो आगे आना चाहते हैं, तो उन्हें ये समझना होगा की ये काम इतना खुफिया होगा की वो अपने परिवार को भी कुछ नहीं बता सकते बचपन से ही देशभक्त कौशिक के लिए ये एक अच्छा मौका था, तो उन्होंने तुरंत हाँ कह दिया.

उन्होंने आगे बताया की घर पर दुबई का बताकर वे वापस दिल्ली गए जहाँ उन्हें दो साल तक ट्रेनिंग दी गई जिसमें उनको उर्दू बोलना, लिखना, पढ़ना सिखाया गया.

मुस्लिम रीत रिवाज़ बताये गए पंजाबी भाषी होने के कारण उनको पकिस्तान में बोलचाल के लहजे को लेकर ज्यादा दिक्कत नहीं होने वाली थी रॉ का कहना था की वो किसी प्रकार का रिस्क नहीं ले सकते अतः पूर्ण रूप से मुस्लिम दिखने के लिए उन्होंने खतना तक कराया.

साल था 1975 उम्र थी महज़ 23 और रवींद्र तैयार थे एक ऐसे सफर पर जाने को जो उनकी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदलने वाला था.

To be continued in Part – 2 (The Spy Series: “Black Tiger” रॉ, पाकिस्तान, जासूसी, रवींद्र कौशिक और नबी अहमद शाकिर (Part – 2)

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