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चार सालों में ट्रेन एक्सीडेंट हुए 328, सुरक्षा पर खर्च हुए 2.33 लाख करोड़ रुपये

रविवार सुबह बिहार में सीमांचल एक्सप्रेस के 9 डिब्बों के पटरी से उतर जाने के बाद ट्रेनों में सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर से ज्वलंत हो गया है. सीमांचल एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटना में करीब सात लोगों की मौत हो गई थी. हाल में लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया था कि बीते चार सालों में ट्रेन में सुरक्षा के मद्देनजर 2 लाख 32 हजार 923 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं.

सुरक्षा
Source-Business today

ट्रेन हादसों से सुरक्षा के मद्देनजर सरकारें हर साल एक निश्चित राशि खर्च करती हैं लेकिन फिर भी ट्रेन हादसों में कई लोगों की मृत्यु हो जाती है.

बीते सालों में ट्रेन हादसों, ट्रेन सुरक्षा में खर्च आदि से जुड़े आंकड़े जानिये

ट्रेन सुरक्षा में खर्चः

  • 2015-16 में करीब 45.5 हजार करोड़ रुपये खर्च किया गया.
  • 2016-17 में करीब 53.4 हजार करोड़ रुपये खर्च किया गया.
  • 2017-18 में करीब 60.8 हजार करोड़ रुपये खर्च किया गया.
  • 2018-19 में करीब 73 हजार करोड़ रुपये ट्रेन सुरक्षा के नाम पर खर्च किए गए हैं.

बीते चार सालों में हुए ट्रेन हादसे और उनमें घायलों और मृत लोगों की संख्या

  • 2015-16 में 107 ट्रेन हादसों में 36 लोगों की मौत हुई और करीब 369 लोग घायल हो गये थे.
  • 2016-17 में कुल 104 ट्रेन हादसे हुए जिनमें 193 लोगों की मौत हुई और करीब 197 लोग घायल हो गये.
  • 2017-18 में कुल 73 ट्रेन हादसों में 28 लोगों की मौत हुई और करीब 62 लोग घायल हो गये.
  • 2018-19 में 30 नवंबर तक के आंकड़ों में कुल 44 ट्रेन हादसे हुए थे जिनमें 7 लोगों की मौत हुई.

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