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पुलवामा अटैक में इस्तेमाल IED बम के बारे में रोचक बाते

IED बम के बारे में ये बाते आपको कोई नहीं बताएगा

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को CRPF के काफिले पर IED विस्फोटक से दर्दनाक ब्लास्ट किया गया. इसमें भारत के लगभग 40 CRPF जवान शहीद हो गए. ये धमाका इतना भयानक था कि पूरी बस के परखच्चे उड़ गये.

आतंकवादियों ने जीस IED विस्फोटक से ब्लास्ट किया क्या आप उसके बारे में जानते हैं? ये IED किस तरह बनाया जाता है? आज हम आपको IED विस्फोटक के इन्हीं सवालो के जवाब देंगे.

IED

1. ये IED यानी Improvised Explosive Device एक तरह का बम होते हैं. जो आर्मी के बमों से अलग तरीके से बनाए जाते हैं.

2. इन IED को काम चलाऊ बम भी कहा जाता है. इन IED बमों में जहरीले, घातक केमिकल, पटाखे बनाने वाले और आग लगाने वाले केमिकल डाले जाते हैं.

3. IED में विस्फोटक की मात्रा को बढ़ाकर इसे और भी खतरनाक बनाया जाता है. IED ब्लास्ट होने पर आग लग जाती है जिससे बहुत धुंआ निकलता है.

IED

4. IED से विस्फोट करने के लिए रिमोट कंट्रोल, प्रेशर-सेंसिटिव बार्स, इंफ्रारेड या मैग्नेटिक ट्रिगर्स जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है.

5. कई बार इन्हें सड़क के किनारे तार की मदद से भी बिछाया जा सकता है.

6. इन बमों को और भी खतरनाक बनाने के लिए इनमें कीलें, नाखून, बॉल बेयरिंग या छोटे कंकड़ डाले जाते हैं ताकि ये कुछ दूर बैठे व्यक्ति को भी काफी नुकसान पहुंचा सकें.

विस्फोटक
IED

7. IED विस्फोट से लगने वाली चोटों को ‘डिसमाउंटेड कॉम्प्लेक्स ब्लास्ट इंजरी’ कहते हैं जो युद्ध में अब तक की सबसे बुरी चोट मानी जाती है.

8. IED को काम चलाऊ बम भी कहा जाता है क्योंकि ये कम पैसों में और जल्दी तैयार हो जाते हैं.

9. इन्हें इस तरह से बनाया जाता है कि इस पर पांव पड़ने या गाड़ी का पहिया पड़ने से ही ये फट जाते हैं.

10. इन बमों का प्रयोग विरोधियों को रोकने और तितर-बितर करने के लिए भी किया जाता है.

 

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