क्या आप जानते हैं, भगवान विष्णु के 10 अवतार कौन-कौन से हैं?

कौन बनेगा करोड़पति के 13वें सीजन में शो में होस्ट अमिताभ बच्चन ने हॉटसीट पर बैठी प्रतियोगी से सवाल पूछा कि भगवान विष्णु के 10वें अवतार किसे कहा जाता है?

विष्णु के 10 अवतारों का उल्लेख पद्मपुराण, लिंगपुराण, वराहपुराण, मत्स्यपुराण और अग्निपुराण में मिलता है. विष्णु के अवतारों की व्यवस्थित सूची महाभारत में मिलती है. आज हम आपकों विष्णु के 10 अवतारों के बारें में बताएंगे.

मत्स्यावतार-

भगवान विष्णु के मत्स्यावतार को 10 अवतारों में से पहला अवतार माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु ने पुष्पभद्रा तट पर मत्स्य रूप धारण करके सत्यव्रत नामक राजा से कहा कि सातवें दिन प्रलय आने पर सभी जीव, जन्तु एक नौका पर बैठ जाए. फिर भागवान विष्णु ने नौका को प्रलय से बचा लिया.

मत्स्यावतार में विष्णु ने हयग्रीव नामक दैत्य का वध किया था. हयग्रीव द्वारा चुराए गए वेदों को भगवान विष्णु ने ब्रम्हा को सौप दिया.

कूर्मावतार-

जब राक्षसों ने देवताओं को युद्ध में हरा दिया तब देवता भगवान विष्णु की शरण में गए. विष्णु ने उन्हें समुद्र मंथन करने की सलाह दी. जब मंथन शुरू हुआ तो मन्दराचल पर्वत डूबने लगा. तब भगवान विष्णु ने कछूए का रूप धारण करके पर्वत को अपनी पीठ पर स्थिर रखा.

वराहावतार-

भगवान विष्णु ने वराहावतार में महासागर में डुबी पृथ्वी का उद्धार किया और हिरण्याक्ष नामक राक्षस का वध किया.

नरसिंहावतार-

हिरण्याक्ष के वध के बाद उसका भाई हिरण्यकशिपु ने तपस्या करके ऐसा वरदान मांगा जिससे कि उसे कोई देवता या राक्षस मार न सके, न ही वह दिन में मरे और न ही रात में. न ही उसे कोई अस्त्र मार सके और न ही कोई शस्त्र काट सके.

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Source- Wikipedia

हिरण्यकशिपु जहां एक तरफ भगवान विष्णु का विरोधी था वहीं उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु की पुजा करता था. हिरण्यकशिपु ने अपने पुत्र से विष्णु की पुजा छोड़ने के लिए कहा लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो उसने प्रह्लाद को मारना चाहा. तब भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर हिरण्युशिपु का वध किया.

वामनावतार-

प्रौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान विष्णु ने वामन रूप अर्थात बौने के रूप में पृथ्वी पर जन्म लिया. उन्होंने राजा बलि से तीन पग जमीन मांगी. वामनावतार में भगवान विष्णु ने दो पग में पृथ्वी और स्वर्ग नाप दिया. तीसरे पग के लिए राजा बलि ने अपना सिर दिया. तब भगवान विष्णु ने सिर पर पैर रखकर राजा बलि का उद्धार किया.

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Source- One India

परशुरामावतार-

ऋषि परशुराम को भी भगवान विष्णु एक अवतार माना जाता है. जिन्होंने 21 बार पृथ्वी पर क्षत्रियों का वध किया. परशुराम ने पिता की आज्ञा पर अपनी माता का वध कर दिया था और फिर पिता से वरदान मांग कर माता को फिर से जीवित किया.

रामावतार-

रामावतार में भगवान विष्णु ने अयोध्या के राजा दशरथ के घर में जन्म लिया. रामवतार में भगवान विष्णु ने लंका के राजा रावण का वध करके आर्यावर्त को राक्षसों से मुक्त कराया और एक आदर्श राज्य की स्थापना की.

कृष्णावतार-

कृष्णावतार में भगवान विष्णु ने मथुरा में देवकी और वासुदेव के घर जन्म लिया. उनका लालन पालन यशोदा और नंद ने किया था. कृष्णावतार में भगवान विष्णु ने कई लीलाएं की और अपने दुराचारी मामा कंस का वध किया. वहीं महाभारत में कृष्ण ने पांडवों का साथ दिया.

बुद्धावतार-

जब सतातन धर्म में हिंसा बढ़ने लगी तब भगवान विष्णु ने बुद्धावतार के रूप में अहिंसा के उपदेशक बनकर लोगों को दीक्षा दी.

कल्कि अवतार-

पौराणिक कथाओं के मुताबिक भगवान विष्णु कलयुग में कल्कि अवतार में जन्म लेंगे. जब कलियुग में अत्याचार अपने चरम पर रहेगा तब विष्णु कल्कि अवतार में पृथ्वी का उद्धार करेंगे.