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किसे कहते हैं फॉर्मजैकिंग, इससे कैसे की जाती है रिटेल वेबसाइट हैक ?

आप नहीं जानते होंगे फॉर्मजैकिंग के बारे में ये बात

इंटरनेट की दुनिया काफी दिलचस्प है. वैसे ही ऑनलाइन फ्रॉड के तरीके भी बढ़ रहे हैं. अब हैकर दुनियाभर की रिटेल वेबसाइट को निशाना बना रहे हैं. प्रभावित वेबसाइटों पर कस्टमर जैसे ही कार्ड और पर्सनल डिटेल जमा करता है, उसकी एक कॉपी हैकर के पास पहुंच जाती है. इसे फॉर्मजैकिंग नाम दिया गया है.

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फॉर्मजैकिंग की 2.48 लाख कोशिशें हुईं नाकाम

ऑनलाइन सिक्योरिटी प्रदान करने वाली कंपनी सिमेंटेक के मुताबिक पिछले छह महीनों में फॉर्मजैकिंग की 2.48 लाख कोशिशें ब्लॉक की गई हैं.

ऑनलाइन सर्विस देने वाली सभी कंपनियों पर फॉर्मजैकिंग अटैक होते हैं. हाल ही मे जो बड़ी कंपनियां इसका शिकार बनी हैं, उनमें टिकट मास्टर, ब्रिटिश एयरवेज, फीडीफाई और न्यूएग भी शामिल हैं.

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हैकर वेबसाइट की कोडिंग करते हैं डिकोड

फॉर्मजैकिंग में हैकर वेबसाइट की कोडिंग में जान लेते हैं और उसमें अपना जावा स्क्रिप्ट कोड डाल देते हैं. इसके बाद जब भी कोई कस्टमर उन वेबसाइटों पर अपनी डिटेल सबमिट करता है, तो उसकी एक कॉपी हैकर के सर्वर पर पहुंच जाती है. हैकर इन जानकारियों की मदद से या तो खुद फ्रॉड करते हैं या इन्हें डार्क वेब पर बेच देते हैं.

सबसे बड़ा हैकर ग्रुप है मेगेकार्ट

साइबर सिक्योरिटी फर्म सिमेंटेक के मुताबिक अभी मेगेकार्ट दुनिया का सबसे बड़ा फॉर्मजैकिंग हैकर ग्रुप है. इस ग्रुप के सदस्य कौन हैं और कहां से ऑपरेट कर रहे हैं, इसका अभी पता नहीं चला है.

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मेगेकार्ट ने हैक की है 5 हजार वेबसाइट

इंटेलिजेंस फर्म के थ्रेट रिसर्चर योनाथन क्लिंज्समा पिछले एक साल से इस ग्रुप को ट्रैक करने की कोशिश कर रहे हैं. उनके मुताबिक 2014 से ऑपरेट करने वाले मेगेकार्ट ग्रुप के अंदर छह सब ग्रुप हैं. मेगेकार्ट अब तक करीब पांच हजार वेबसाइटों को हैक कर चुका है.

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