Take a fresh look at your lifestyle.

ये है दुनिया का सबसे शांत कमरा, 45 मिनट से ज्यादा नहीं झेल सकते आप

माइक्रोसॉफ्ट ने बनाया है ये कमरा

अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने दुनिया का सबसे शांत कमरा तैयार किया है. 10.5 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस कमरे में आप अपनी धड़कनों की आवाज भी साफ सुन सकते हैं. वॉशिंगटन के रेडमंड परिसर स्थित कंपनी के मुख्यालय में बने इस कमरे में सन्नाटा इतना अधिक है कि कोई भी व्यक्ति यहां 45 मिनट से ज्यादा रुक नहीं सकता.

पूरी तरह कंपनरोधी है कमरा

इसे धरती का सबसे शांत कमरा बताया जा रहा है. यहां आवाज माइनस 20.3 डेसीबल में मापी गई. सबसे अधिक सन्नाटे वाले कमरे के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी जल्द ही इसका नाम दर्ज होगा. छह ठोस दीवारों के भीतर बना यह कमरा पूरी तरह कंपन रोधी है. प्रत्येक दीवार एक फीट मोटी है. इसके कारण बाहर की आवाज अंदर तक नहीं पहुंचती है.

आवाज गूंजती भी नहीं

कमरे के अंदर आवाज भी नहीं गूंजती है. कमरे की दीवारों, फर्श और छत को बनाने में फाइबर ग्लास का इस्तेमाल किया गया है ताकि आवाज न गूंजे. कमरे की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई 21-21 फीट हैं. यह कमरा 68 कंपन रोकने वाली स्प्रिंग पर बना है. इमारत के दूसरे हिस्से से अलग रखने के लिए इस कमरे को अलग फाउंडेशन स्लैब पर बनाया गया है.

कंपनी के पास ऐसे कुल 25 चैम्बर

कमरे के अंदर, फर्श उसी स्टील केबल से बनाया गया है, जिसका इस्तेमाल फाइटर जेट्स की ध्वनि को रोकने के लिए किया जाता है. क्योंकि जब एयरक्राफ्ट कैरियर पर उतरते हैं, तो नीचे जाली सी बन जाती है. कंपनी के इंजीनियर गोपाल ने कहा कि इस परिसर में ऐसे सात साउंड चैंबर बनाए गए हैं. कंपनी के पास कुल 25 से ज्यादा ऐसे चैंबर हैं. हम हमारे हर उपकरण में आवाज को महत्व देते हैं.

हेडफोन और माउस क्लिक की आवाज की टेस्टिंग के लिए बनाया गया

माइक्रोसॉफ्ट के इंजीनियर हुंद्राज गोपाल ने कहा कि इस कमरे को हेडफोन और माउस बटन की आवाज का परीक्षण करने के लिए बनाया गया है. परीक्षण से हम इन उपकरणों को ध्वनि की परिस्थिति के अनुकूल बनाते हैं. कुछ लोग इस कमरे में आते हैं औैर एक मिनट भी रुक नहीं पाते. यहां इतना सन्नाटा होता है कि लोग घबराने लगते हैं.

Comments are closed.